रायपुर। #SarkaronIBC24: संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती ज्यादा दूर नहीं है। 14 अप्रैल को महू में अंबेडकर के प्रति सियासतदानों में आस्था का सैलाब देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ में भी कांगेस और बीजेपी ने खुद को अंबेडकर का सच्चा हितैषी साबित करने के लिए कम कस ली है।
मध्यप्रदेश का महू एक बार फिर देश की दलित राजनीति का केंद्र बनने वाला है। संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की 14 अप्रैल को जयंती के दिन बीजेपी महू में बड़ा आयोजन करने जा रही है। इसे कांग्रेस की उस कवायद का जवाब माना जा रहा है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संसद में दिए बयान को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया था। महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली आयोजित की थी। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी ने रैली में खुद को अंबेडकर का सच्चा हितैषी बताया था।
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मध्यप्रदेश की आबादी में दलित वोटर्स की संख्या करीब 80 लाख है जो कुल आबादी का लगभग 20 फीसदी है। कांग्रेस ने जय बापू-जय भीम-जय संविधान के जरिए दलित वोटर्स को साधने की कोशिश की थी तो इस बार बीजेपी हिसाब बराबर कर लेना चाहती है। डॉ अंबेडकर की विरासत पर दावे की जंग सिर्फ मध्यप्रदेश में ही नहीं लड़ी जा रही। बल्कि छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी ने इस पर अपना दावा ठोक दिया है।
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#SarkaronIBC24: छत्तीसगढ़ बीजेपी अंबेडकर जयंती के दिए कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिस अंबेडकर के हमेशा से खिलाफ संघ और बीजेपी रही है उनकी बीजेपी को अचानक क्यों याद आने लगी है। कुल मिलाकर देश में जब-जब संविधान का जिक्र आता है। चर्चा के केंद्र में डॉ अंबेडकर भी आ जाते हैं। इसी बहाने दलित वोटर्स को साधने की सियासत भी शुरू हो जाती है। कभी अंबेडकर के सम्मान तो कभी अपमान के बहाने कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर बढ़त लेने में जुट जाते हैं।