Hindenburg releases new report, several serious allegations against Adani and SEBI

Ankit
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नई दिल्लीः Hindenburg releases new report अपनी रिपोर्टों से भारतीय कार्पोरेट घराने में खलबली मचाने वाले अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर अपनी नई रिपोर्ट पेश की है। इस बार भी उनके निशाने पर अडानी ही है। उसने अपनी रिपोर्ट में मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच के साथ अडानी का संबंध बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कथित अदाणी धन हेराफेरी घोटाले में इस्तेमाल किए गए अस्पष्ट ऑफशोर फंड में दंपती की हिस्सेदारी थी।


Hindenburg releases new report जारी रिपोर्ट के मुताबिक सेबी ने अदाणी के मॉरीशस और ऑफशोर शेल संस्थाओं के कथित अघोषित जाल में आश्चर्यजनक रूप से रुचि नहीं दिखाई है। अमेरिकन शॉर्ट-सेलर ने ‘व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों’ का हवाला देते हुए दावा किया, ‘सेबी की वर्तमान प्रमुख माधवी बुच और उनके पति के पास अदाणी धन हेराफेरी घोटाले में इस्तेमाल किए गए दोनों अस्पष्ट ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी।’

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हिंडनबर्ग बोला- 18 महीने से मौन है सेबी; जून 2024 में भेजा कारण बताओ नोटिस

नई रिपोर्ट जारी करने के बाद हिंडनबर्ग ने कहा, अदाणी समूह पर हमारी मूल रिपोर्ट को लगभग 18 महीने बीत चुके हैं। इस बात के पर्याप्त सबूत पेश किए जा चुके हैं कि भारतीय कारोबारी समूह (अदाणी) कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घोटाले में संलिप्त रहा है। हालांकि, ठोस सबूतों और 40 से अधिक स्वतंत्र मीडिया जांच के बावजूद सेबी ने अदाणी समूह के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई के बजाय जून, 2024 में सेबी ने हमें एक स्पष्ट ‘कारण बताओ’ नोटिस भेजा।

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सेबी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं

मॉरीशस में अदाणी ग्रुप के काले धन नेटवर्क की पूरी जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गुप्त दस्तावेज के हवाले से हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा है कि अदाणी घोटाले में इस्तेमाल की गई अपतटीय (ऑफशोर) संस्थाओं में सेबी चेयरपर्सन और उनके पति की हिस्सेदारी थी। इन संस्थाओं का संचालन कथित तौर पर अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी के बड़े भाई विनोद अदाणी करते हैं। हालांकि सेबी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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माधबी पुरी बुच ने पति को ट्रांसफर किए अपने शेयर

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि माधवी पुरी बुच ने अपने शेयर पति को ट्रांसफर किए। अप्रैल 2017 से लेकर मार्च 2022 के दौरान माधवी पुरी बुच सेबी की सदस्य होने के साथ चेयरपर्सन थीं। उनका सिंगापुर में अगोरा पार्टनर्स नाम से कंसलटिंग फर्म में 100 फीसदी स्टेक था। 16 मार्च 2022 को सेबी के चेयरपर्सन पर नियुक्ति किए जाने से दो हफ्ते पहले उन्होंने कंपनी में अपने शेयर्स अपने पति के नाम ट्रांसफर कर दिए।





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