Amit Shah’s strategy against LWE : रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, और सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।
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करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की समाप्ति और क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि नक्सली बातचीत की भाषा नहीं समझते, तो उन्हें उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाए।
शांति वार्ता के लिए खुले दरवाजे
नक्सलियों की ओर से शांति वार्ता के संकेतों पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह ने कहा कि यदि वे बिना शर्त बातचीत करना चाहते हैं, तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
सुरक्षा और समन्वय पर विशेष जोर
Amit Shah’s strategy against LWE : बैठक में राज्यों के सीमा क्षेत्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती और इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित कोर एरिया में और अधिक सुरक्षा शिविर खोलने, और शीर्ष नक्सली नेताओं को निशाना बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
विकास योजनाओं पर भी चर्चा
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नेल्लानार योजना’ की सराहना की और बस्तर में सड़क और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्सलियों के लिए तैयार आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
सुरक्षाबलों की सुविधाओं में सुधार के निर्देश
Amit Shah’s strategy against LWE : गृह मंत्री ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए बेहतर उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा, “बस्तर से नक्सलवाद को हम विकास के जरिए समाप्त करेंगे। डबल इंजन की सरकार आदिवासियों के विकास में बाधक बने नक्सलियों को पूरी तरह खत्म करेगी।”
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डिप्टी सीएम का बयान
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, वे हमारे अपने हैं। जो देश के साथ आना चाहते हैं, हम उन्हें गले लगाने के लिए तैयार हैं। सरकार लगातार उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने की अपील कर रही है।”