इंदौर: Indore Fake Encounter Case: स्पेशल सीबीआई टीम ने फेक एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओपी एडविन कर और एएसआई नीरज प्रधान को गिरफ्तार किया है। दोनों पुलिसकर्मियों को इंदौर से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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क्या है पूरा मामला?
Indore Fake Encounter Case: मामला 2009 का है, जब पुलिस ने कथित तौर पर स्मगलर बंसी गुर्जर का फेक एनकाउंटर कर दिया था। लेकिन इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया, जब 2012 में पुलिस ने बंसी गुर्जर को जिंदा गिरफ्तार कर लिया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, क्योंकि सवाल उठने लगे कि एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति आखिर कौन था? इस मामले की सीबीआई जांच के लिए 2015-16 में नीमच के दो लोगों ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और अब एसडीओपी एडविन कर (जो घटना के समय नीमच टीआई थे) और एएसआई नीरज प्रधान (जो तब कॉन्स्टेबल थे) को गिरफ्तार किया गया है।
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सीबीआई की कार्रवाई
Indore Fake Encounter Case: वर्तमान में एडविन कर पन्ना जिले के गुनुर में एसडीओपी पद पर तैनात थे। सीबीआई ने पहले दोनों पुलिसकर्मियों को इंदौर बुलाया और फिर गिरफ्तार कर लिया। अब उनसे पूछताछ की जा रही है कि इस फर्जी एनकाउंटर के पीछे किसका हाथ था और आखिर मारा गया युवक कौन था।
किस मामले में पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है?
यह गिरफ्तारी 2009 में हुए फेक एनकाउंटर केस से जुड़ी है, जिसमें पुलिस ने कथित रूप से बंसी गुर्जर को मार गिराने का दावा किया था, लेकिन 2012 में वह जिंदा मिला।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी कौन हैं?
गिरफ्तार पुलिस अधिकारी एसडीओपी एडविन कर और एएसआई नीरज प्रधान हैं। घटना के समय एडविन कर नीमच टीआई और नीरज प्रधान कॉन्स्टेबल थे।
सीबीआई जांच क्यों हुई?
इस फर्जी एनकाउंटर की सच्चाई सामने लाने के लिए 2015-16 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, जिसके बाद जांच के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई।
अब तक जांच में क्या खुलासा हुआ है?
जांच में यह सामने आया कि एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति बंसी गुर्जर नहीं था। असली बंसी गुर्जर 2012 में पुलिस द्वारा जिंदा गिरफ्तार किया गया था। लेकिन मारे गए व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
आगे क्या होगा?
सीबीआई की टीम गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारे गए व्यक्ति की पहचान क्या थी और इस पूरे फर्जी एनकाउंटर में और कौन-कौन शामिल था।