नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे वक्फ विधेयक का कड़ा विरोध करें और किसी भी हालत में इसके पक्ष में मतदान न करें।
यह अपील वक्फ संशोधन विधेयक विचार और पारित कराने के लिए बुधवार को लोकसभा में लाये जाने से एक दिन पहले आयी। राज्यसभा में इस विधेयक पर बृहस्पतिवार को चर्चा होने की उम्मीद है तथा दोनों सदनों को प्रस्तावित कानून पर बहस के लिए आठ-आठ घंटे का समय आवंटित किया गया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और सांसदों से अपील की कि वे संसद में विधेयक पेश होने पर न केवल इसका कड़ा विरोध करें, बल्कि ‘भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को रोकने’ के लिए इसके खिलाफ वोट भी करें।
उन्होंने एक बयान में कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभाव और अन्याय पर आधारित है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रावधानों के भी खिलाफ है।
रहमानी ने आरोप लगाया कि विधेयक के जरिए भाजपा का लक्ष्य वक्फ कानूनों को कमजोर करना और वक्फ संपत्तियों को जब्त करने और नष्ट करने का रास्ता तैयार करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘उपासना स्थल अधिनियम के अस्तित्व में होने के बावजूद, हर मस्जिद में मंदिर खोजने का मुद्दा लगातार बढ़ रहा है। यदि यह संशोधन पारित हो जाता है, तो वक्फ संपत्तियों पर सरकारी और गैर-सरकारी नाजायज दावों में वृद्धि होगी, जिससे कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के लिए उन्हें जब्त करना आसान हो जाएगा।’’
भाषा अमित रमण
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