नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत और चिली जल्द ही जलवायु परिवर्तन, भूविज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और नवाचार पर अंटार्कटिका में संयुक्त अनुसंधान अभियान शुरू करेंगे।
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक की मंगलवार से शुरू हुई भारत यात्रा के दौरान अंटार्कटिक अनुसंधान में सहयोग के लिए एक आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सिंह ने बताया कि यह समझौता ध्रुवीय क्षेत्र में दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक और नीति-उन्मुख संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं समुद्री अनुसंधान केन्द्र (एनसीपीओआर) और चिली के अंटार्कटिक संस्थान (आईएनएसीएच) के माध्यम से क्रियान्वित की जाने वाली इस साझेदारी से अंटार्कटिक मामलों, वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिलेगा।
भाषा प्रीति पवनेश
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