मेरे दिमाग में रिकॉर्ड की जगह टीम को पहली पारी में बढ़त दिलाने में मदद करना था: हर्ष दुबे |

Ankit
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(तस्वीरों के साथ)


नागपुर, 28 फरवरी (भाषा) विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे ने शुक्रवार को कहा कि केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल में उनका ध्यान सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड कायम करने की जगह अपनी टीम को पहली पारी में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने में मदद करना था।

रणजी ट्रॉफी फाइनल के शुरुआती तीन दिन के खेल में बराबरी का मुकाबला दिखा है लेकिन विदर्भ ने पहली पारी में 37 रन की बढ़त के साथ अपना पलड़ा थोड़ा भारी कर लिया है।

हर्ष ने पहली पारी में 88 रन देकर तीन विकेट चटकाए जिससे मौजूदा सत्र में उनके विकेटों की संख्या 69 तक पहुंच गयी। उन्होंने इसके साथ ही 2018-19 में बिहार के आशुतोष अमन के 68 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

हर्ष ने दिन के खेल के बाद कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैं रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा था। मैं केवल अपनी टीम को पहली पारी में बढ़त दिलाने में मदद करने के बारे में सोच रहा था। जाहिर तौर पर यह रिकॉर्ड मेरे लिए एक उपलब्धि है। मुझे गर्व और खुशी महसूस हो रही है। मैंने अभी घर पर अपने माता-पिता से भी बात की है।’’

इस 22 साल के वामहस्त गेंदबाज ने कहा, ‘‘ यहां बहुत गर्मी है लेकिन मैं अपनी टीम के लिए योगदान देना चाहता था। जितना संभव हो उतना प्रयास करना चाहता था क्योंकि यह सत्र का आखिरी मैच है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं यह नहीं सोच रहा था कि कितने ओवर हो गए, बल्कि मेरा ध्यान केवल अपनी टीम को अच्छी स्थिति में लाने पर था और यही मेरी योजना थी।’’

उन्होंने कहा कि चेन्नई में खेलते समय भारत के महान खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन से मिले सुझावों से उन्हें अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने में मदद मिली। हर्ष ने इस सत्र में रणजी ट्रॉफी में अब तक 472 रन बनाकर अपनी हरफनमौला क्षमता साबित की है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनके साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर कई बार बातचीत की है। उन्होंने मेरे साथ कुछ बातें साझा की जिन्हें मैं अपने खेल में आजमाता हूं।’’

भाषा आनन्द आनन्द मोना

मोना



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