नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) दिल्ली में आग से संबंधित मौतों की संख्या में इस साल 74 प्रतिशत की कमी आयी है। इस वर्ष 24 फरवरी तक आठ व्यक्तियों की मौत हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 31 मौतें हुई थीं। यह जानकारी दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के आंकड़ों से मिली।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में आग लगने की घटना में छह लोगों की मौत हुई और 24 फरवरी तक दो लोगों की मौत हुई। यह पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्शाता है। पिछले साल जनवरी में कुल 15 लोगों की मौत हुई थी और 24 फरवरी तक 16 लोगों की मौत हुई थी।
इसके अलावा, पिछले वर्ष जनवरी में आग की घटनाओं में 51 लोग बच गए थे या घायल हुए थे, जबकि इस वर्ष जनवरी माह में आग की घटनाओं में 38 लोग बच गए या घायल हुए।
चौबीस फरवरी तक के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल आग की घटनाओं में 34 लोग बच गए या घायल हो गए थे, जबकि इस साल आग की घटनाओं में 42 लोग बच गए या घायल हो गए।
डीएफएस द्वारा जनवरी में प्राप्त आग संबंधी कुल कॉल में इस वर्ष कमी देखी गई है, जो पिछले वर्ष 1,204 थी, जबकि इस वर्ष 938 कॉल प्राप्त हुई हैं। इसके अगले महीने के शुरुआती 24 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष आग संबंधी 834 कॉल प्राप्त हुई थीं, जबकि इस वर्ष 932 कॉल प्राप्त हुई हैं।
इस साल जनवरी में डीएफएस को प्राप्त कुल कॉल में भी गिरावट आई है। पिछले साल जहां दमकल विभाग को 2,502 कॉल आयी थीं, वहीं इस साल यह संख्या 2,183 रही।
हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में पिछले वर्ष 1,766 कॉल प्राप्त हुईं, जबकि इस वर्ष पहले 24 दिनों में 1,811 कॉल प्राप्त हुईं।
एक अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग ने पिछले साल जनवरी में 182 लोगों को और उसके अगले महीने 24 फरवरी तक 209 लोगों को बचाया था, जबकि इस साल इसी अवधि में पहले महीने में 176 और दूसरे महीने में 137 लोगों को बचाया गया।
आंकड़ों के अनुसार, अग्निशमन विभाग ने पिछले साल 24 फरवरी तक कुल 509 जानवरों को बचाया था, जबकि इस साल इसी अवधि में 490 जानवरों को बचाया गया। पिछले साल 435 पक्षियों को बचाया गया था, जबकि इस साल इसी अवधि में 351 पक्षियों को बचाया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 24 फरवरी तक विभाग को कचरे में आग लगने से संबंधित कुल 392 कॉल प्राप्त हुईं, जबकि इस साल इसी अवधि में 387 कॉल आयीं।
भाषा अमित मनीषा
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