मैनपुरी की एक अदालत ने दहेज हत्या के मामले में चार लोगों को सजा सुनाई

Ankit
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मैनपुरी (उप्र), 18 दिसंबर (भाषा) मैनपुरी की एक अदालत ने दहेज के लिए एक महिला की हत्या करने के मामले में पति और देवर को आजीवन कारावास, सास को 10 तथा ननद को 20 साल कैद की सजा सुनाई। एक शासकीय अधिवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।


अधिवक्ता संजीव चौहान ने बताया कि सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की त्वरित अदालत ने मंगलवार को 2012 के दहेज हत्या के मामले में यह आदेश पारित किया।

भोनगांव थाना क्षेत्र के गांव दिवरणिया के निवासी सर्वेश कुमार की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

प्राथमिकी में कहा गया कि शिकायतकर्ता की बेटी रीना की शादी पांच जून 2009 को तुलजापुर गांव के नीरज से हुई थी जिसके कुछ समय बाद ही रीना के ससुराल वाले एक भैंस और 20,000 रुपये की मांग करने लगे।

इसमें कहा गया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर 2012 को रीना के पति नीरज, ससुर अंत राम, सास शांति देवी, देवर दीपू, ननद मीनू और एक अन्य महिला रिश्तेदार ने उसे आग के हवाले कर दिया।

रीना ने मौत से पहले अस्पताल में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे।

शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अगले दिन रीना की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने नीरज, अंत राम, शांति देवी, दीपू और मीनू के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान अंत राम की मौत हो गई।

चौहान ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने गवाह और सबूत पेश किए।

उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद अदालत ने नीरज और दीपू को हत्या का दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि मीनू को 20 साल और शांति देवी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

भाषा सं जफर शोभना खारी

खारी



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