युद्ध निगरानी संस्था ने असद के देश छोड़कर भागने का दावा किया, सीरिया सरकार गिरने की आशंका

Ankit
5 Min Read


बेरूत, आठ दिसंबर (एपी) सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। सीरियाई विपक्षी युद्ध निगरानी संस्था के प्रमुख ने यह दावा किया।


इसबीच सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी जलाली ने एक वीडियो बयान जारी करके कहा कि वह शासन की बागडोर शांतिपूर्ण तरीके से विपक्ष को सौंपने को तैयार हैं।

जलाली ने कहा, ‘‘ मैं अपने आवास पर ही हूं और कहीं नहीं गया हूं और यह इसलिए क्योंकि मुझे अपने देश से प्रेम है।’’

उन्होंने कहा कि वह सुबह काम करने के लिए अपने कार्यालय जाएंगे। उन्होंने सीरियाई नागरिकों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने हालांकि राष्ट्रपति बशर अल-असद के देश छोड़कर जाने संबंधी खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

इस घटनाक्रम के बीच ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार गिर गई है और सीरिया में असद परिवार के 50 साल के शासन का अंत हो गया।

असद कहां है इस बारे में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। असद के परिवार की दुबई में काफी संपत्ति है।

‘सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के रामी अब्दुर्रहमान ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि असद ने रविवार तड़के दमिश्क से उड़ान भरी।

सीरियाई विद्रोहियों के दमिश्क में घुसने की घोषणा के बीच अब्दुर्रहमान ने यह जानकारी दी। राजधानी के निवासियों को गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी हैं।

विपक्ष से जुड़े मीडिया पर प्रसारित फुटेज में राजधानी के केंद्र में स्थित एक चौराहे पर एक टैंक और लोगों का एक छोटा समूह जश्न मनाने के लिए एकत्र हुआ नजर आ रहा है। मस्जिदों से ‘‘अल्लाह-हू-अकबर’’ की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

यह 2018 के बाद पहली बार है जब विद्रोही दमिश्क के भीतर पहुंच गए हैं। सीरियाई सैनिकों ने वर्षों की घेराबंदी के बाद 2018 में राजधानी के बाहरी इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया था।

सरकार समर्थक ‘शाम एफएम रेडियो’ ने बताया कि दमिश्क हवाई अड्डे को खाली करा लिया गया है और सभी उड़ानें रोक दी गई हैं।

विद्रोहियों ने यह भी घोषणा की कि वे राजधानी के उत्तर में स्थित सैदनाया सैन्य जेल में घुस गए हैं और उन्होंने वहां से कैदियों को ‘‘मुक्त’’ करा लिया है।

इससे एक रात पहले सरकारी बल सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स से पीछे हट गए जिसके बाद विपक्षी बलों ने इस पर कब्जा कर लिया। यह शहर, राजधानी दमिश्क और सीरिया के तटीय प्रांतों लताकिया और टारटस के बीच स्थित है। ये प्रांत सीरियाई नेता के समर्थकों का आधार हैं और यहां रूस का नौसैनिक अड्डा है।

इस बीच, सरकार ने असद के देश छोड़कर जाने की अफवाहों का खंडन किया।

सरकार समर्थक ‘शाम एफएम’ ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि सरकारी बलों ने सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर के बाहर मोर्चा संभाल लिया है।

अब्दुर्रहमान ने कहा कि सीरियाई सैनिक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के कर्मी शहर से हट गए हैं तथा विद्रोही शहर के कुछ हिस्सों में घुस गए हैं।

विद्रोहियों ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने होम्स पर कब्जा कर लिया है। विद्रोहियों ने 27 नवंबर से शुरू हुए हमलों के बाद से अलेप्पो और हामा शहरों के साथ-साथ दक्षिण के बड़े हिस्से पर पहले ही कब्जा कर लिया था।

दमिश्क में विद्रोहियों के पहुंचने से पहले शनिवार को सीरियाई सेना दक्षिणी सीरिया के ज्यादातर हिस्सों से पीछे हट गई जिसके कारण दो प्रांतीय राजधानियों समेत देश के अधिकांश क्षेत्र विपक्षी लड़ाकों के नियंत्रण में आ गए।

सीरिया के विद्रोही गुट ‘जिहादी हयात तहरीर अल-शाम’ समूह (एचटीएस) प्रमुख अबू मोहम्मद अल-गोलानी ने बृहस्पतिवार को सीरिया से ‘सीएनएन’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा था कि इस हमले का उद्देश्य असद की सरकार को सत्ता से बेदखल करना है।

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गीर पेडरसन ने सीरिया में ‘‘व्यवस्थित ढंग से राजनीतिक बदलाव’’ सुनिश्चित करने के लिए जिनेवा में तत्काल वार्ता का आह्वान किया है।

इस बीच, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका को सीरिया में सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह हमारी लड़ाई नहीं है।’’

एपी

सिम्मी शोभना

शोभना



Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *