चुराचांदपुर (मणिपुर), पांच दिसंबर (भाषा) मणिपुर के जिरीबाम में सुरक्षा बलों से हुई मुठभेड़ में मारे गए युवकों समेत 12 कुकी-जो युवकों का बृहस्पतिवार को यहां अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य के पहाड़ी जिले में पूर्ण बंद रहा तथा हजारों लोग मार्च में एवं अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए।
मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के प्रमुख संगठन ‘इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) के प्रवक्ता गिंजा वुअलजोंग ने कहा, ‘‘गांव के स्वयंसेवकों के शवों को गत (बुधवार) शाम शवगृह से उनके घर ले जाया गया और उन्हें सुबह अंतिम संस्कार के लिए लाया गया।’’
उन्होंने बताया कि मिजोरम के मुख्यमंत्री के सलाहकार (तकनीकी) एच. गिन्जालाला और ‘यंग मिजो एसोसिएशन’ के नेताओं सहित मिजोरम का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुआ।
उन्होंने कहा कि जनजाति नेताओं ने गांव के स्वयंसेवियों की मौत के मामले की गहन जांच किए जाने की मांग की है क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी मौत सुरक्षा बलों द्वारा पीछे से चलाई गई गोलियों के कारण हुई थी।
आईटीएलएफ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर सीआरपीएफ के साथ मुठभेड़ में 10 युवकों की मौत होने की घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। ‘फोरम’ ने सीआरपीएफ की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
संपूर्ण अंतिम संस्कार कार्यक्रम को दो सत्रों में विभाजित किया गया। पहला सत्र पूर्वाह्न 11 बजे तुइबुओंग के ‘पीस ग्राउंड’ में शुरू हुआ, जहां समाज के सभी वर्गों के लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
दूसरा और अंतिम सत्र अपराह्न दो बजे से सेहकेन के ‘मार्टर्स सेमिटेरी’ में आयोजित किया गया जहां मृतकों को ‘‘गांव के स्वयंसेवकों ने बंदूक की सलामी’’ दी गई। उसके बाद शवों को दफनाया गया। मृतकों ने परिजन ने उन्हें वहां अंतिम श्रद्धांजलि दी।
एल्विस लालरोपुई (21), जोसेफ लालदितुम (19), लालथानेई (22), रुओलनीसांग (30), फिमलिएनकुंग (31), लालसीमलीन हमार (30), फ्रांसिस लालजारलियन (25), रामनेइलियन (31), हेनरी लालसांग्लिएन (25), रॉबर्ट लालनंटलाउंग (19), हाओजोएल डोंगेल (27) और थांगतिनमांग खोंगसाई (35) को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
आईटीएलएफ ने पहले फैसला किया था कि कुकी-जो युवकों का अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनके परिवारों को नहीं सौंप दी जाती।
शवों को 16 नवंबर को असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से चुराचांदपुर ले जाया गया। उसके बाद से उन्हें अब तक चुराचांदपुर जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। आईटीएलएफ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद 30 नवंबर को घोषणा की कि अंतिम संस्कार पांच दिसंबर को किया जाएगा।
मणिपुर पुलिस ने दावा किया था कि सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। यह मुठभेड़ छद्म वर्दी पहने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों द्वारा बोरोबेकरा पुलिस थाने और जिरीबाम जिले के जकुराधोर स्थित सीआरपीएफ शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी के बाद हुई।
अन्य दो मृतक कुकी युवक थे, जिनकी संदिग्ध मेइती उग्रवादियों ने उस समय हत्या कर दी थी, जब वे अपने परिवार से मिलने गए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए 10 कुकी-जो युवकों को कई गोलियां लगीं और उनमें से अधिकांश को पीछे से गोली मारी गई थी।
पिछले साल मई से मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
भाषा
सिम्मी देवेंद्र
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