होटल में समय बर्बाद नहीं करें, वैकल्पिक अभ्यास सत्रों के लिए जगह नहीं: गावस्कर |

Ankit
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एडिलेड, आठ दिसंबर (भाषा) महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारत से गुलाबी गेंद के टेस्ट के जल्दी खत्म होने के बाद अपने होटल के कमरों में समय बर्बाद नहीं करने और दो अतिरिक्त दिनों का उपयोग अभ्यास में पसीना बहाकर करने का आग्रह किया है ताकि वे तीसरे मैच में वापसी कर सकें।


बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट में 10 विकेट से हार से भारत की कमजोरी पूरी तरह उजागर हो गई। मैच ढाई दिन से भी कम समय में समाप्त हो गया जबकि ऑस्ट्रेलिया ने वापसी करते हुए पांच मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली।

गावस्कर ने आधिकारिक प्रसारक से कहा, ‘‘श्रृंखला के बचे हिस्से को तीन मैचों की श्रृंखला के रूप में देखें। भूल जाइए कि यह पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला थी। मैं चाहूंगा कि भारतीय टीम अगले कुछ दिनों का उपयोग अभ्यास के लिए करे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है। आप अपने होटल के कमरे में या जहां भी जा रहे हैं, वहां बैठे नहीं रह सकते क्योंकि आप यहां क्रिकेट खेलने आए हैं। ’’

गावस्कर ने कहा, ‘‘आपको पूरे दिन अभ्यास करने की जरूरत नहीं है। आप सुबह या दोपहर में जो भी समय चाहें अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन इन दिनों को बर्बाद नहीं करें। अगर टेस्ट मैच पांच दिनों तक चलता तो आप यहां टेस्ट मैच खेल रहे होते। ’’

तीसरा टेस्ट 14 दिसंबर से शुरू होगा और गावस्कर ने कहा कि भारतीयों को अपनी लय वापस पाने के लिए इस बीच के समय का उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘आपको लय में आने के लिए खुद को और अधिक समय देना होगा क्योंकि आप रन नहीं बना पाए हैं। आपके गेंदबाजों को लय नहीं मिली है। कुछ अन्य खिलाड़ी भी हैं जिन्हें क्रीज पर खेलने का समय चाहिए। ’’

गावस्कर ने कहा कि उन्हें वैकल्पिक अभ्यास सत्र के विचार पर विश्वास नहीं है और इसका निर्णय पूरी तरह से कप्तान और कोच को लेना चाहिए, खिलाड़ियों को नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वैकल्पिक अभ्यास सत्र कुछ ऐसा है जिस पर मैं विश्वास नहीं करता। वैकल्पिक ट्रेनिंग का फैसला कप्तान और कोच को लेना चाहिए। कोच को कहना चाहिए, ‘अरे, तुमने 150 रन बनाए हैं, तुम्हें अभ्यास के लिए आने की जरूरत नहीं है। अरे, तुमने मैच में 40 ओवर फेंके हैं, तुम्हें अभ्यास के लिए आने की जरूरत नहीं है’। ’’

गावस्कर ने कहा, ‘‘उन्हें विकल्प नहीं दिया जाना चाहिए। अगर आप खिलाड़ियों को यह विकल्प देते हैं तो उनमें से बहुत से कहेंगे, ‘नहीं, मैं अपने कमरे में ही रहूंगा’। और भारतीय क्रिकेट को इसकी जरूरत नहीं है। ’’

उन्होंने खिलाड़ियों को याद दिलाया कि भारत के लिए खेलना सौभाग्य की बात है और उन्हें इसे पूरे दिल से करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट को ऐसे लोगों की ज़रूरत है जो अपने उद्देश्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हों। भारत के लिए खेलना सम्मान और सौभाग्य की बात है। ’’

गावस्कर ने कहा, ‘‘मैंने गिना कि वे कितने दिन यहां रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया में 57 दिन हैं। उन 57 दिनों में से अगर आप पांच मैच छोड़ दें तो आपके पास 32 दिन बचते हैं। दो मैच प्रधानमंत्री एकादश के लिए। तीस दिन वे छुट्टी लेने वाले थे। उन्हें पर्थ में एक अतिरिक्त दिन की छुट्टी मिली और अब एडिलेड में दो दिन की छुट्टी हो गई। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा उनसे अनुरोध है कि कृपया आकर अभ्यास करें। ’’

उन्होंने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को अपवाद बताया और कहा कि वे ‘अनुभवी’ हैं लेकिन बाकी खिलाड़ियों को भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

गावस्कर ने कहा, ‘‘बुमराह को अभ्यास करने की जरूरत नहीं है। रोहित और विराट अगर अभ्यास नहीं करते हैं तो कोई बात नहीं क्योंकि वे अनुभवी खिलाड़ी हैं। बाकी खिलाड़ियों को भी अभ्यास करने दें। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत



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