सोनभद्र (उप्र), तीन अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की स्थानीय अदालत ने हत्या के 15 साल पुराने मामले में कथित नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और उसके साथी अजीत कोल को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने विश्वकर्मा और कोल पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। विश्वकर्मा पर 10 लाख रुपये का इनाम था जबकि कोल पर 50 हजार रुपये का इनाम था।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार पाठक ने बताया ‘यह मामला रामबृक्ष नामक व्यक्ति की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव दिसंबर 2009 में नक्सली समूहों के बीच झड़प के बाद जंगल में मिला था।’
पुलिस जांच में पता चला कि यह झड़प रंगदारी के पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी। जंगल की तलाशी के बाद रामबृक्ष का शव बरामद किया गया।
पुलिस ने मुन्ना विश्वकर्मा और अजीत कोल को 2012 में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
पाठक ने बताया,’विश्वकर्मा एक वांछित नक्सली है, जिस पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में कुल 10 लाख रुपये का इनाम है, जिसमें उत्तर प्रदेश का तीन लाख रुपये का इनाम भी शामिल है। कोल पर 50,000 रुपये का इनाम था।’
भाषा सं जफर नोमान
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