नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय निशानेबाज सिफत कौर समरा ने अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में चल रहे एफ निशानेबाजी विश्व कप में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (3पी) के फाइनल में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके स्वर्ण पदक जीता जबकि ईशा सिंह ने दूसरा व्यक्तिगत विश्व कप रजत पदक जीता।
यह आईएसएसएफ विश्व कप में सिफत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है।
फरीदकोट की रहने वाली 23 वर्षीय सिफत ने शुक्रवार देर रात टिरो फेडरल अर्जेंटीनो डी ब्यूनस आयर्स शूटिंग रेंज में सत्र के पहले विश्व कप में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
विश्व रिकॉर्ड धारक सिफत नीलिंग पोजीशन में 15 शॉट के बाद जर्मनी की अनीता मैंगोल्ड से 7.2 अंक पीछे थी। उन्होंने हालांकि इसके बाद प्रोन और स्टैंडिंग पोजीशन में स्वप्निल वापसी करके पहला स्थान हासिल किया।
सिफत 45 शॉट के फाइनल के बाद 458.6 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि मैंगोल्ड उनसे 3.3 अंक पीछे 455.3 अंक बनाकर दूसरे स्थान पर रही।
कजाकिस्तान की जूनियर विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता अरीना अल्तुखोवा 445.9 के स्कोर के साथ 44वें शॉट के बाद बाहर होकर तीसरे स्थान पर रहीं।
भारत प्रतियोगिता के पहले दिन कोई पदक नहीं जीत पाया था लेकिन अब उसके नाम पर एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक है। भारत के लिए कांस्य पदक पुरुष 3पी में चैन सिंह ने जीता था।
एयर पिस्टल मिश्रित टीम की विश्व चैंपियन ईशा ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में 35 अंक बनाए और वह चीन की सुन युजी से पीछे रहीं जिन्होंने 10वीं और अंतिम पांच शॉट सीरीज के बाद 38 हिट के साथ स्वर्ण पदक जीता।
सुन की हमवतन फेंग सिक्जुआन ने कांस्य पदक जीता। दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन वह छठे स्थान पर रहीं।
सिफत ने क्वालीफाइंग में 590 का स्कोर बनाकर पहले स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया था। स्विट्जरलैंड की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चियारा लियोन और पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीना क्रिस्टन शीर्ष आठ में जगह नहीं बना सकीं।
कजाकिस्तान की एलेक्जेंड्रिया ले और अमेरिका की मैरी टकर जैसी ओलंपिक पदक विजेता भी क्वालीफाइंग की बाधा पार नहीं कर सकी।
पुरुषों और महिलाओं की स्कीट प्रतियोगिताओं में पेरिस ओलंपियन रायज़ा ढिल्लों 11वें स्थान पर रहीं। गनेमत सेखों 14वें और दर्शना राठौड़ 17वें स्थान पर रहीं।
पुरुषों की स्कीट में अनंत जीत सिंह नरुका 20वें और भवतेग गिल 21वें जबकि गुरजोत खंगुरा 22वें स्थान पर रहे।
भाषा पंत नमिता
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