नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) खान सचिव वी एल कांता राव ने बुधवार को कहा कि खान मंत्रालय इस साल महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू करने पर काम कर रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में घरेलू उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिज के पुनर्चक्रण और विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है।
मिशन के कार्यों में प्रौद्योगिकी विकास, कुशल कार्यबल और उपयुक्त वित्तपोषण व्यवस्था आदि शामिल है।
सचिव ने कहा, ‘‘यह घोषणा की गई थी कि सरकार महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए महत्वपूर्ण खनिज मिशन स्थापित करेगी। इसमें अन्वेषण, खनन, अनुसंधान और विकास, विदेशी अधिग्रहण या कोई वित्तीय सहायता या पुनर्चक्रण आदि को शामिल किया गया है।’’
राव ने पांच सितारा रेटिंग वाली खदानों से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘इन सभी पहलुओं को इस महत्वपूर्ण खनिज मिशन में शामिल किया जाएगा। खान मंत्रालय इस घोषणा पर काम कर रहा है और हम सरकारी स्तर पर मिशन को मंजूरी मिलने और इस साल मिशन शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
कोबाल्ट, तांबा, लिथियम, निकल और दुर्लभ खनिज स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे खनिज की विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कार के लिए बैटरी के उत्पादन में विशेष मांग है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 14 महत्वपूर्ण खनिज खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की है।
सचिव ने कहा, ‘‘ऐसे में महत्वपूर्ण खनिज खदानों में खनन गतिविधियों का अध्ययन करना होगा क्योंकि यह पहली बार है कि इस प्रकार की खदानें देश में चालू होंगी। हमें यह अध्ययन करना होगा कि ये खदानें अन्य देशों में कैसे संचालित होती हैं?’’
लिथियम, तांबा, कोबाल्ट और दुर्लभ खनिज नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने और उनमें से दो पर बीसीडी (मूल सीमा शुल्क) कम करने का प्रस्ताव रखा।
इससे ऐसे खनिजों के प्रसंस्करण और शोधन को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा रमण अजय
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