मुंबई, सात दिसंबर (भाषा) ‘महायुति’ के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर गहन विचार-विमर्श और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के गृह मंत्रालय पर जोर देने के बीच मंत्रिमंडल के गठन पर स्थिति रविवार तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का विस्तार 11 या 12 दिसंबर को होने की संभावना है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के ‘महायुति’ गठबंधन को भारी बहुमत मिलने के बावजूद, आंतरिक खींचतान और दबाव के कारण, नए मुख्यमंत्री ने पांच दिसंबर को शपथ ली। राज्य में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए थे।
सूत्रों ने शनिवार को संकेत दिया कि फडणवीस के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने तथा एकनाथ शिंदे और अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ अब ध्यान नये मंत्रिमंडल के गठन पर केंद्रित हो गया है, जो कि काफी मुश्किल होने वाला है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिंदे के उपमुख्यमंत्री बनने पर सहमति जताने के बाद उदय सामंत और संजय शिरसाट जैसे नेताओं ने खुले तौर पर गृह मंत्रालय शिवसेना को आवंटित करने की मांग की है।
भाजपा और राकांपा के सूत्रों ने बताया कि ‘महायुति’ के तीनों सहयोगी दलों और गठबंधन के नेताओं की आंतरिक बैठकों में विभागों के आवंटन सहित मंत्रिमंडल की संरचना पर चर्चा की जा रही है। भारी चुनावी जनादेश ने ‘महायुति’ गठबंधन के लिए बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर दी है, क्योंकि प्रत्येक सहयोगी ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है।
‘महायुति’ ने 288 सदस्यीय सदन में 230 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) केवल 46 सीटें ही जीत पाई। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (एसपी) शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, 132 सीटों के साथ ‘महायुति’ की अगुवाई करने वाली भाजपा के मुख्यमंत्री सहित 21-22 मंत्री पद अपने पास रखने की उम्मीद है। शिवसेना को 11 से 12 विभाग मिल सकते हैं और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को नौ से 10 पद दिए जा सकते हैं।
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मंत्रिमंडल विस्तार में शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या पर अंतिम फैसला दो से तीन दिन में लिया जाएगा।’’
भाषा आशीष पवनेश
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