वायनाड, 10 अगस्त (भाषा) केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने वाले राज्य सरकार के मंत्रियों ने शनिवार को उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनके अनुरोध पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से विचार करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के लौटने के बाद राज्य के लोक निर्माण मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के व्यापक पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजस्व मंत्री के. राजन ने कहा कि इस क्षेत्र को 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और पुनर्वास के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
राजन ने कहा, “हमने प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी सभी मांगें रख दी हैं, जिसमें केवल पुनर्वास प्रक्रिया के लिए 2,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता भी शामिल है। हमें कृषि क्षेत्र, आजीविका के नुकसान और अन्य कारणों से भी कई तरह के नुकसान हुए हैं।”
अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) विभाग के मंत्री ओआर केलू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आपदा की भयावहता को समझते हुए इस क्षेत्र में निर्धारित समय से अधिक समय बिताया और उन्होंने सरकार से नुकसान के संबंध में एक ज्ञापन सौंपने को कहा है।
केलू ने कहा, “उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) यह भी सुझाव दिया है कि हम आपदा के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए एक अध्ययन करें। हमें लगता है कि वह हमारी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे।”
रियास ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रारंभिक अनुमान दे दिया है तथा विस्तृत आंकड़े तैयार कर जल्द ही सौंप दिए जाएंगे।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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