वक्फ विधेयक मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला : भाकपा(मार्क्सवादी-लेनिनवादी) |

Ankit
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नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा)भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने बृहस्पतिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह मुसलमानों और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।


भाकपा (माले)लिबरेशन ने यहां जारी एक बयान में विधेयक को जनता दल-यूनाइटेड द्वारा किये गए समर्थन को भी ‘विश्वासघात’ करार दिया और कहा कि बिहार की जनता इसे नहीं भूलेगी।

वामपंथी पार्टी ने कहा, ‘‘भाकपा (माले)लिबरेशन वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और (नरेन्द्र) मोदी सरकार की इस सांप्रदायिक और संविधान विरोधी चाल की निंदा करती है। यह कानून स्पष्ट रूप से पूर्वाग्रह से ग्रसित है और मुस्लिम समुदाय व संविधान द्वारा प्रदत्त उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। ’’

इसमें कहा गया है कि न्यायमूर्ति राजेंद्र सच्चर समिति की 2006 की रिपोर्ट में वक्फ को कल्याणकारी गतिविधियों में संलग्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के रूप में मान्यता दी गई है तथा पर्याप्त वित्तीय और कानूनी सहायता के साथ वक्फ बोर्ड को प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है।

भाकपा (माले)लिबरेशन ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, प्रस्तावित विधेयक हिंदुत्व की राजनीतिक विचारधारा को कानून में शामिल करने का प्रयास करता है। विधेयक में वक्फ बोर्ड, वक्फ परिषद या अन्य प्रासंगिक हितधारकों के साथ किसी भी सार्थक परामर्श की स्पष्ट अनुपस्थिति है।’’

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश



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