रुपया दो पैसे टूटकर 85.52 प्रति डॉलर पर |

Ankit
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मुंबई, दो अप्रैल (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया सीमित दायरे में कारोबार के बीच दो रुपये के नुकसान के साथ 85.52 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।


विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी शुल्क पर चिंताओं और विदेशी पूंजी की निकासी से भारतीय मुद्रा वित्त वर्ष 2025-26 के पहले कारोबारी सत्र में सपाट रही। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी रुपये पर दबाव डाला।

उन्होंने बताया कि हालांकि सकारात्मक घरेलू बाजार तथा अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने गिरावट को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.65 प्रति डॉलर पर खुला। यह कारोबार के दौरान 85.50 प्रति डॉलर के उच्चस्तर तक गया तथा 85.73 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक आया। कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.52 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.50 पर बंद हुआ था।

यह वित्त वर्ष 2025-26 का पहला कारोबारी सत्र है। एक अप्रैल को बैंकों की वार्षिक खाता बंदी के कारण मंगलवार को मुद्रा व बॉन्ड बाजार बंद थे। 31 मार्च को ‘ईद-उल-फितर’ के अवसर पर शेयर, मुद्रा, जिंस और वायदा-विकल्प बाजार बंद रहे थे।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘व्यापार शुल्क अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता के बीच रुपया नकारात्मक रहेगा। हालांकि, विदेशी पूंजी प्रवाह और सकारात्मक घरेलू बाजार से निचले स्तर पर रुपये को समर्थन मिलेगा।’’

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.13 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.12 प्रतिशत की लुढ़ककर 74.40 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 5,901.63 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

भाषा निहारिका अजय

अजय



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