कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य के सभी समुदायों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान दिए बिना रामनवमी का त्योहार शांतिपूर्वक मनाएं।
रामनवमी छह अप्रैल (रविवार) को मनाई जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए बनर्जी ने इसे एक ‘जुमला’ संगठन बताया, जिसका एकमात्र एजेंडा देश को धर्म के आधार पर बांटना है।
बनर्जी ने राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं सभी समुदायों से रामनवमी के दौरान शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील करती हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि किसी भी दंगे में शामिल न हों… याद रखें, यह उनकी चाल है। बंगाल में हम रामकृष्ण, विवेकानंद की शिक्षाओं का पालन करते हैं, न कि जुमला पार्टी की। इसके अलावा, अन्य त्योहारों में खलल न डालें।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘याद रखें कि धर्म एक व्यक्ति का होता है, लेकिन त्योहार सभी के लिए होते हैं। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन उन लोगों का नहीं, जो रैलियां आयोजित करने के नाम पर हिंसा करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाबी कृपाण लेकर जुलूस निकालते हैं-आप भी जुलूस निकाल सकते हैं, लेकिन आपको पुलिस की पाबंदियों का पालन करना चाहिए और दूसरे इलाकों में जाकर दिक्कत उत्पन्न नहीं करनी चाहिए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे रामनवमी के दौरान शोभायात्रा पर कोई आपत्ति नहीं है। लोग अपने तरीके से त्योहार मनाएंगे।’
बनर्जी ने कहा कि वह नौ अप्रैल को जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं महावीर जयंती मनाने के लिए जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में भाग लूंगी। इसलिए, अगर मैं सभी को साथ लेकर चल सकती हूं, तो आप क्यों नहीं?’’
राज्य में चल रही इस अफवाह का जिक्र करते हुए कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, बनर्जी ने कहा कि इस मामले के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बनर्जी ने सवाल किया, ‘‘कल उन्होंने यह अफवाह फैलानी शुरू की कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वे डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल करके ऐसी फर्जी बातें फैला रहे हैं। हमने एक प्राथमिकी दर्ज की है। आप ये फर्जी वीडियो क्यों बना रहे हैं?’’
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने वाम दलों पर कटाक्ष करते हुए उन पर भाजपा के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कई वामपंथी नेताओं का सम्मान करती हूं, लेकिन उन लोगों का नहीं, जो चुनाव नजदीक आने पर भाजपा के दोस्त बन जाते हैं।।’’
भाषा
अमित पारुल
पारुल