(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, चार अप्रैल (भाषा) नेपाल की राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने शुक्रवार को काठमांडू में एक विरोध रैली आयोजित की, जिसमें पिछले सप्ताह के हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किए गए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की गई। इन प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
रैली का नेतृत्व आरपीपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पशुपति शमशेर राणा और प्रकाश चंद्र लोहानी ने किया।
उन्होंने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की और पिछले सप्ताह की घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों में घायल हुए लोगों के लिए मुफ्त उपचार की भी मांग की।
पिछले शुक्रवार को आरपीपी नेताओं और समर्थकों ने अन्य राजशाही समर्थक समूहों के साथ मिलकर काठमांडू में एक रैली आयोजित की जिसमें राजशाही की बहाली और नेपाल को हिंदू राज्य घोषित करने की वकालत की गई।
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में आरपीपी नेताओं और राजशाही समर्थकों सहित लगभग 70 लोगों को गिरफ़्तार किया है। अधिकारियों का आरोप है कि हिरासत में लिए गए कुछ लोग तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में शामिल थे। अशांति के दौरान लगभग 18 इमारतों में आग लगा दी गई तथा एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
भाषा
नोमान संतोष
संतोष