लखनऊ, तीन अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश और उनकी पत्नी पर उनके घरेलू सहायक को कथित रूप से परेशान किए जाने मामला दर्ज किया गया है।
लखनऊ पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रसोइए ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली है।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, महेश निषाद पिछले कुछ सालों से शहर के अलीगंज इलाके में सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिल श्रीवास्तव और उनकी पत्नी वंदना के घर पर रसोइए के रूप में काम करता था। हालांकि, दंपति ने हाल में निषाद पर होली के आसपास घर में चोरी करने का आरोप लगाया था।
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि ‘‘लगातार उत्पीड़न’’ से आहत निषाद ने मंगलवार को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जब उसके दो बच्चों समेत परिवार के अन्य लोग घर से बाहर थे।
पुलिस के अनुसार यह कदम उठाने से पहले निषाद ने अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने कहा था कि वह अपने परिवार से दोबारा नहीं मिलेगा क्योंकि वह आत्महत्या करने जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि उसने यह भी दावा किया कि उसने चोरी नहीं की है बल्कि किसी और ने चोरी की है।
इस बीच, निषाद के परिवार ने आरोप लगाया कि झूठे आरोप के कारण वह काफी दबाव में था । निषाद के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया।
निषाद के नाबालिग बेटे ने एक वीडियो में आरोप लगाया, ‘‘मेरे पापा को प्रताड़ित किया गया और पुलिस भी हमारी बात नहीं सुन रही है।’’
संपर्क किए जाने पर सहायक पुलिस आयुक्त (हजरतगंज) विकास कुमार जायसवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘निषाद के परिवार की शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में आरोपी दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’
जायसवाल ने कहा,‘‘पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हम सबूत जुटा रहे हैं। तथ्यों का पता लगाने के लिए वीडियो को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भी भेजा गया है।’’
पुलिस ने कहा कि पति और पत्नी दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है और मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है।
भाषा किशोर जफर राजकुमार
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