रबात, 27 फरवरी (एपी) मोरक्को में भेड़ों की संख्या में बेहद कमी आने के मद्देनजर सुल्तान मोहम्मद षष्ठम ने परंपरा से इतर परिवारों से ईद-उल-अजहा के दौरान कुर्बानी के लिए भेड़ें न खरीदने का आग्रह किया है।
मोरक्को के इस्लामी मामलों के मंत्री अहमद तौफीक ने बुधवार देर शाम कहा कि आर्थिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों के कारण वार्षिक कुर्बानी और दावत मोरक्कोवासियों की पहुंच से बाहर हो गई है।
सरकारी टेलीविजन ‘अल औला’ पर सुल्तान का पत्र पढ़ते हुए तौफीक ने कहा कि यह मोरक्को का कर्तव्य है कि वह यह स्वीकार करे कि पशुधन की कमी के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।
सुल्तान की ओर से जारी पत्र में लिखा गया, ‘‘इन कठिन परिस्थितियों में कुर्बानी से खास तौर पर उन लोगों की भावनाओं को ठेस लगेगी जिनकी आय सीमित है।’’
ईद उल-अजहा इस साल जून की शुरुआत में मनाया जाएगा। यह ‘बलिदान का पर्व’ है जिसमें मुसलमान पशुओं की कुर्बानी देते हैं।
मोरक्को में भेडों की कीमतें इतनी अधिक हो गई हैं कि पिछले वर्ष देश के गैर सरकारी संगठन ‘मोरक्को सेंटर फॉर सिटिजनशिप’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 55 प्रतिशत परिवारों ने कहा कि उन्हें भेड़ों को खरीदने और कुर्बानी के बाद उन्हें पकाने के लिए बर्तन खरीदने तक में मुश्किलें आ रही हैं।
भेड़ों की कीमतों में उछाल का कारण चरागाहों का कम होना है, जिससे इन्हें चारा खिलाने के लिए इनके मालिकों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। मोरक्को के कृषि मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में संवाददाताओं को बताया कि इस मौसम में बारिश पिछले 30 वर्षों के वार्षिक औसत से 53 प्रतिशत कम हुई है और इस कारण भेड़ और मवेशियों की संख्या में कमी आई है।
एपी शोभना वैभव
वैभव