भोपाल, दो अप्रैल (भाषा) वक्फ (संशोधन) विधेयक पर बुधवार को भोपाल में मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई। मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों ने इसका स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया, जबकि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सहित अन्य लोगों ने विधेयक का विरोध किया।
हथईखेड़ा क्षेत्र में रहमत मस्जिद में मुस्लिम पुरुष और महिलाएं संसद में विधेयक पेश होने का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुईं।
“हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं” और “शुक्रिया मोदी जी” जैसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर वे ढोल की थाप पर नाच रहे थे।
रहमत मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहसिन-उल-हक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह विधेयक वंचित मुसलमानों के कल्याण के लिए एक सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा, “हमने वक्फ विधेयक के समर्थन में एक कार्यक्रम आयोजित किया। हम इस विधेयक का समर्थन करते हैं क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ की जमीन का इस्तेमाल गरीबों के लाभ के लिए किया जाएगा।”
समारोह में शामिल मोहम्मद शादाब ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा,‘‘कुछ लोगों ने वक्फ संपत्तियों को अपनी संपत्ति समझ लिया है। गरीब और आम मुसलमानों को उनके लाभों से वंचित रखा गया है। यह विधेयक सुनिश्चित करता है कि भूमि जरूरतमंदों की सेवा करे।’’
हालांकि, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक को ‘‘काला कानून’’ बताया।
पत्रकारों से बात करते हुए मसूद ने कहा, ‘‘हमने पहले ही इस विधेयक को खारिज कर दिया है। यह वक्फ संपत्तियों की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि उन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देगा।’’
उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख से सहमत हैं।
विपक्ष को जवाब देते हुए मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विधेयक के समर्थन में कहा कि इससे आम मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन यह उन अमीर नेताओं को चुनौती देता है, जिन्होंने कथित तौर पर वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है।
उन्होंने कहा,‘‘यह विधेयक उन लोगों के लिए झटका है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ की जमीन पर कब्जा कर रखा है। भोपाल में हजारों मुसलमानों ने प्रधानमंत्री मोदी और इस संशोधन का खुलकर समर्थन किया है। यह उन नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है, जो लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भोपाल हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि इससे चुनिंदा परिवारों द्वारा वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी।
वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार, जटिलताओं को दूर करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रबंधन शुरू करने का प्रयास करने वाले इस विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया गया।
विपक्ष के इस आरोप कि यह असंवैधानिक है और मुसलमानों को निशाना बनाता है।सत्तारूढ़ राजग ने विधेयक का जोरदार बचाव किया।
भाषा दिमो
राजकुमार
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