गुवाहाटी/भुवनेश्वर/रांची, तीन अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को वक्फ अधिनियम में संशोधन के साथ-साथ पूर्व में किए गए कई अन्य उपायों को साहसिक कदम करार दिया।
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साहस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के दृढ़ संकल्प को भी मजबूती से प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 को हटाने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करना, तीन तलाक को खत्म करना, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में प्रगति और हाल ही में वक्फ अधिनियम में संशोधन तक – ये सभ्यतागत मूल की ओर लौटने का साहसिक कदम है।’’
इस बीच, वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर कांग्रेस की महिला मोर्चे की अध्यक्ष अलका लांबा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा सरकार ने लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने के लिए कई विधेयक पेश किए हैं, लेकिन विपक्षी पार्टी ऐसी राजनीति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने संविधान पर हमला किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इसका कड़ा विरोध करते हैं। सरकार लोगों को बांटने के लिए कई विधेयक लेकर आई है। हमारा विरोध संसद और सड़कों पर जारी रहेगा।’’
लांबा ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण कानून पारित हो गया है, लेकिन भाजपा सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह महिलाओं के साथ विश्वासघात और अन्याय है। हम इसे लागू करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। महिला कांग्रेस ने विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहरायी है।’’
उधर, संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने की घोषणा करने के एक दिन बाद बीजू जनता दल (बीजद) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने राज्यसभा में इस मामले पर मतदान करने के बारे में अपने सांसदों को कोई व्हिप जारी नहीं किया है।
बीजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने कहा कि सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करेंगे।
राज्यसभा में बीजद के सात सदस्य हैं, जबकि लोकसभा में कोई सदस्य नहीं है।
आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो ने आज वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन किया और इसे ‘‘ऐतिहासिक कदम’’ बताया।
महतो ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद ने लोकसभा में विधेयक का समर्थन किया और इसमें सुधार के लिए सुझाव भी दिया।
महतो ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी के सांसद (चंद्र प्रकाश चौधरी) ने बुधवार को विधेयक का समर्थन किया और एक सुझाव भी दिया। मैं कहूंगा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है। इसे वोट के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।’’
भाषा शफीक पवनेश
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