मलेशिया बाजार में मजबूती से सीपीओ, पामोलीन सहित सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन में सुधार

Ankit
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नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती के बीच बृहस्पतिवार को देश के प्रमुख बाजारों में कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में सुधार दर्ज हुआ। इसके साथ सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम भी मजबूती दर्शाते बंद हुए।


बाजार सूत्रों ने कहा कि किसानों के कम दाम पर बिकवाली से बचने और विदेशों में दाम स्थिर रहने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन के अलावा बिनौला तेल के दाम भी पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर साढ़े तीन बजे लगभग दो प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। अब यह कारोबार के लिए शाम 6.30 बजे खुलेगा। शिकागो एक्सचेंज में मामूली सुधार का रुख है।

सूत्रों ने कहा कि पामोलीन तेल के दाम सोयाबीन, मूंगफली जैसे देशी खाद्यतेल से ऊंचा होने के बीच सरसों की मांग बढ़ी है। यह सरसों तेल-तिलहन में सुधार का मुख्य कारण है। साबुत मूंगफली खाने वालों की मांग बढ़ने तथा पामोलीन से सस्ता होने के कारण मूंगफली तेल की भी मांग है जिससे इसके तेल-तिलहन भी सुधार के साथ बंद हुए। मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने की वजह से कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में पर्याप्त सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में सोयाबीन के दाम में लगभग स्थिरता है लेकिन संभवत: सट्टेबाजी के चलते मलेशिया में सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम निरंतर बढ़ रहे हैं।

किसानों का मानना है कि सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पूरी सोयाबीन फसल की खरीद करना संभव नहीं है और दूसरी ओर हाजिर दाम एमएसपी से काफी कम हैं। सोयाबीन का एमएसपी 4892 रुपये क्विंटल है जबकि हाजिर दाम 4,000-4,100 रुपये क्विंटल बोले जा रहे हैं। इससे कम दाम पर किसानों के बिकवाली के लिए राजी ना होने की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन में स्थिरता रही।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) किसानों से कपास नरमा एमएसपी पर खरीद रहा है लेकिन इससे निकलने वाले बिनौला दाने को हाजिर दाम से काफी नीचे दाम पर औने-पौने दाम पर बेचने से पूरी कारोबारी धारणा प्रभावित हो रही है। इस स्थिति के बीच बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

उन्होंने कहा कि अभी सीसीआई द्वारा सस्ते दाम पर बिक्री के कारण कारोबारी बिनौले का स्टॉक कर रहे हैं और बिनौला खल का दाम कम रहने से बाकी तेल-तिलहन के दाम भी प्रभावित होते हैं।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,615-6,665 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,250-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,185-2,485 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,775 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,285-2,385 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,285-2,410 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,775 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,375-4,425 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,075-4,110 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,100 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण



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