अमरोहा (उप्र) दो अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मनरेगा योजना में लाखों रुपये की धोखाधड़ी में फंसे क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन और बहनोई समेत 18 लोगों से वसूली की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अमरोहा की जिलाधिकारी (डीएम) निधि गुप्ता वत्स ने दोषी कर्मचारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आदेश दिया है।
वत्स ने बुधवार देर शाम बताया कि जोया प्रखंड के पलौला गांव में मनरेगा में धोखाधड़ी की प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गयी है और इस सिलसिले में संबंधित ग्राम प्रधान के खाते को जब्त करने के साथ ही संबंधित धनराशि की वसूली की जाएगी।
जिलाधिकारी के अनुसार मामले में संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ ही उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। उनके खिलाफ पंचायती राज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में आयुक्त ग्राम्य विकास (लखनऊ) को प्रपत्र भेज दिया गया है। इस तरह की अनियमितताओं को लेकर जिले भर में अभियान चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी के आदेश पर परियोजना निदेशक (पीडी) अमरेंद्र प्रताप सिंह, बीडीओ लोकचंद आनंद एवं लोकपाल कृपाल सिंह जोया ब्लाक की ग्राम पंचायत पलौला में मनरेगा योजना में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रहे थे। पिछले कई दिनों से चल रही जांच में 18 लोगों के नाम सामने आए।
जिनसे वसूली की जानी है, उनमें भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना, उनके पति गजनवी, रिश्तेदार आमिर सुहैल, नसरुद्दीन, शेखू , ग्राम प्रधान गुले आयशा के बेटे व दो बेटियां शामिल हैं।
गांव में बिना काम किए मनरेगा मजदूरी पाने का मामला मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
भाषा सं आनन्द
राजकुमार
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