मणिपुर में अलग प्रशासन की मांग को लेकर कुकी छात्रों ने दिल्ली में किया प्रदर्शन

Ankit
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नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) जातीय संघर्ष से ग्रस्त मणिपुर में कुकी-जो जनजातीय समुदायों के लिए अलग प्रशासन की मांग को लेकर कुकी-जो समूहों ने शनिवार को यहां कुकी छात्र संगठन (केएसओ) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया।


केएसओ की दिल्ली-एनसीआर इकाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन भी जारी किया, जिसमें मणिपुर में एक अलग कुकी-जो प्रशासन की मांग की गई तथा पूर्वोत्तर राज्य के बफर जोन से असम राइफल्स को हटाने के केन्द्र के फैसले का विरोध किया गया।

केएसओ के महासचिव सेलेनमंग हाओकिप ने बताया कि कुकी और जो समुदाय के लगभग 600-800 सदस्य बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।

मोदी को संबोधित ज्ञापन में संगठन ने कहा, “हम, कुकी छात्र संगठन दिल्ली-एनसीआर, आपको बहुत ही तात्कालिकता और हताशा के साथ लिख रहे हैं। मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली मौजूदा मेइती सरकार के तहत कुकी-जो लोग गंभीर अत्याचार और अस्तित्व के लिए खतरा झेल रहे हैं।”

इसमें कहा गया, “कुकी-जो जनजातीय समुदाय वर्तमान राज्य प्रशासन के तहत अस्तित्व के खतरे का सामना कर रहे हैं, जो हमारे अधिकारों, हमारे जीवन और हमारी गरिमा की रक्षा करने में विफल रहा है।”

ज्ञापन में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और मणिपुर में कुकी-जो समुदायों के लिए एक अलग प्रशासन स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।

ज्ञापन में कहा गया, “अतः माननीय प्रधानमंत्री जी हम आपसे विनम्रतापूर्वक अपील करते हैं कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करें तथा मणिपुर में कुकी-जो जनजातीय समुदायों के लिए एक पृथक प्रशासन स्थापित करने हेतु तत्काल कदम उठाएं।”

इसमें कहा गया, “यह सिर्फ राजनीतिक स्वायत्तता की मांग नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व की गुहार है।”

केएसओ ने आरोप लगाया कि बीरेन सिंह सरकार न केवल कुकी-जो लोगों की रक्षा करने में विफल रही है, बल्कि “उनके उत्पीड़न में सक्रिय रूप से भागीदार रही है”।

केएसओ ने मणिपुर के बफर जोन से असम राइफल्स की 9वीं और 22वीं बटालियन को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग भी की।

भाषा प्रशांत माधव

माधव



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