हैदराबाद, दो अप्रैल (भाषा) हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) की सीमा से लगे कांचा गचीबोवली में 400 एकड़ भूमि पर कई परियोजनाएं विकसित करने की तेलंगाना सरकार की योजना के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों द्वारा निकाली गई विरोध रैली को बुधवार को पुलिस ने रोक दिया।
यूओएच शिक्षक संघ ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आंबेडकर सभागार से पूर्वी परिसर तक एक रैली का नेतृत्व किया।
छात्रों के अनुसार, पुलिस ने पूरे पूर्वी परिसर क्षेत्र में अवरोधक लगा दिए, जबकि घटनास्थल को खाली कराने के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।
जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोका और ‘हल्का बल’ प्रयोग करके उन्हें तितर-बितर कर दिया।
प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘पुलिस वापस जाओ’ जैसी नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारी एक छात्र ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया।
हालांकि पुलिस के एक अधिकारी ने इन दावों को नकार दिया और कहा, ‘‘उन्हें रैली निकालने से रोका गया।’’
हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (यूओएचएसयू) और इससे संबद्ध अन्य संघों तथा दलों ने विश्वविद्यालय परिसर से पुलिसकर्मियों और बुलडोजरों को हटाने की मांग करते हुए एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन और कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया था।
छात्र संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए उक्त भूमि पर प्रस्तावित विकास परियोजनाओं का विरोध किया है।
तेलंगाना सरकार 400 एकड़ जमीन पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रतिष्ठान और अन्य परियोजनाएं विकसित करना चाहती है। सरकार ने सोमवार को दावा किया था कि यह जमीन उसकी है, विश्वविद्यालय की नहीं, जिसके बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का विरोध-प्रदर्शन और उग्र हो गया।
हालांकि, यूओएच के रजिस्ट्रार ने सरकार के इस दावे का खंडन किया कि संबंधित भूमि की सीमा को अंतिम रूप दे दिया गया है।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मंगलवार को कहा था कि सरकार ने विश्वविद्यालय की एक इंच भी जमीन नहीं ली है। यह दोनों नेता हैदराबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।
भाषा यासिर नरेश
नरेश