भारत पर 26 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क निश्चित रूप से निर्यातकों को प्रभावित करेगा: फियो |

Ankit
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नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) निर्यातक संगठनों के महासंघ फियो ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत पर लगाया गया 26 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क निस्संदेह घरेलू कंपनियों को प्रभावित करेगा।


फियो के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय सहाय ने हालांकि साथ ही कहा कि भारत कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) जिस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, जल्द ही अंतिम रूप लेगा। इससे इन जवाबी शुल्कों से राहत मिल सकती है।

सहाय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमें प्रभाव का आकलन करना है, लेकिन अन्य देशों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों को देखते हुए, हम सबसे कम शुल्क का सामना करने वालों में हैं। हम वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, म्यांमा आदि जैसे अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में हैं। हम निश्चित रूप से शुल्कों से प्रभावित होंगे, लेकिन हम कई अन्य देशों की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में हैं।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर व्यापक रूप से 26 प्रतिशत का ‘रियायती जवाबी शुल्क’ लगाने की घोषणा की है।

ट्रंप ने शुल्क की घोषणा करते समय एक चार्ट दिखाया जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों द्वारा लगाए गए शुल्क के साथ-साथ जवाबी शुल्क भी दर्शाए गए थे। चार्ट ने संकेत मिलता है कि भारत ने ‘मुद्रा से ‘छेड़छाड’ और व्यापार बाधाओं सहित’’ 52 प्रतिशत का शुल्क लगाया है। अमेरिका अब भारत से 26 प्रतशित का ‘रियायती जवाबी शुल्क’ वसूलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भारत, बहुत, बहुत सख्त है।बेहद सख्त है। प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा, ‘आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं…’’

वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। भारत के कुल माल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और द्विपक्षीय व्यापार में 10.73 प्रतिशत है।

अमेरिका के साथ भारत का 2023-24 में माल के मामले में व्यापार अधिशेष (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) 35.32 अरब अमेरिकी डॉलर है। यह 2022-23 में 27.7 अरब अमेरिकी डॉलर, 2021-22 में 32.85 अरब अमेरिकी डॉलर, 2020-21 में 22.73 अरब अमेरिकी डॉलर और 2019-20 में 17.26 अरब अमेरिकी डॉलर था।

भाषा निहारिका अजय

अजय



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