संयुक्त राष्ट्र, 15 मार्च (भाषा) भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर के ‘‘अनुचित’’ जिक्र के लिए पाकिस्तान की आलोचना की, साथ ही कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से न तो पाकिस्तान के दावे वैध हो जाते हैं और न ही सीमा पार आतंकवाद की उसकी गतिविधियां न्यायसंगत।’’
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी हरीश ने ‘इंटरनेशनल डे टू कॉम्बैट इस्लामोफोबिया’ पर महासभा की एक अनौपचारिक बैठक में शुक्रवार को कहा,‘‘ जैसा कि उनकी आदत है, पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव ने आज केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का अनुचित संदर्भ दिया है।’’
हरीश ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार उल्लेख किए जाने से ‘‘न तो उसके दावे वैध हो जाते है और न ही सीमा पार आतंकवाद की उसकी गतिविधियां न्यायसंगत।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ उस देश की कट्टरपंथी मानसिकता और कट्टरता का इतिहास सर्वविदित है। इस तरह के प्रयासों से यह वास्तविकता नहीं बदलेगी कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।’’
दरअसल ‘इंटरनेशनल डे टू कॉम्बैट इस्लामोफोबिया’ पर महासभा की एक अनौपचारिक बैठक में पाकिस्तान की पूर्व विदेश सचिव तहमीना जंजुआ ने जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किया था जिसके बाद हरीश ने यह कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
भाषा शोभना
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