मांडले (म्यांमा), पांच अप्रैल (भाषा) भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमा की मदद के लिए जारी ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत दक्षिणी तटीय क्षेत्र के थिलावा बंदरगाह पर शनिवार को यंगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री को खाद्य सामग्री की एक बड़ी खेप सौंपी।
म्यांमा में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें 3,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत ने म्यांमा और थाईलैंड में आए भूकंप से हुई तबाही के बाद तलाश एवं बचाव (एसएआर), मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ नाम से राहत मिशन शुरू किया था।
भारत ने 24 घंटे से भी कम समय में म्यांमा को मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री की पहली खेप पहुंचाई थी।
भारत ने म्यांमा से लगभग 400 किलोमीटर दक्षिण में थिलावा बंदरगाह पर नौसेना के एक पोत से शनिवार को 442 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री पहुंचाई।
यंगून स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भूकंप से प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। भारतीय नौसेन के पोत (आईएनएस) घड़ियाल के जरिए खाद्य सहायता (चावल, खाना पकाने का तेल, नूडल्स और बिस्कुट) की एक बड़ी खेप आज थिलावा बंदरगाह पर पहुंचाई गई और राजदूत अभय ठाकुर ने इसे यंगून के मुख्यमंत्री यू सोई थीन और उनकी टीम को सौंपा।’’
जब आईएनएस घड़ियाल एक अप्रैल को विशाखापत्तनम से रवाना हुआ था तब विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि म्यांमा की प्रभावित आबादी की तत्काल खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 442 मीट्रिक टन खाद्य सहायता पहुंचाई जा रही है, जिसमें 405 मीट्रिक टन चावल, 30 मीट्रिक टन खाना पकाने का तेल, 5 मीट्रिक टन बिस्कुट और 2 मीट्रिक टन ‘इंस्टेंट नूडल्स’ शामिल हैं।
भाषा प्रीति प्रशांत
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