बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर फरवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर

Ankit
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नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर फरवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गयी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।


पिछले साल इसी महीने में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी। मासिक आधार पर इन उद्योगों की वृद्धि दर जनवरी में दर्ज 5.1 प्रतिशत की वृद्धि से कम रही।

इससे पहले सितंबर में 2.4 प्रतिशत की न्यूनतम वृद्धि दर्ज की गई थी।

फरवरी में कच्चा तेल तथा प्राकृतिक गैस उत्पादन की वृद्धि में गिरावट आई।

कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात और बिजली की उत्पादन वृद्धि क्रमशः 1.7 प्रतिशत, 0.8 प्रतिशत, 5.6 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत रही। फरवरी 2024 में यह 11.6 प्रतिशत, 2.6 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत थी।

हालांकि, समीक्षाधीन महीने में उर्वरक तथा सीमेंट उत्पादन में क्रमश: 10.2 प्रतिशत और 10.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रही। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि में यह 7.8 प्रतिशत थी।

आठ प्रमुख क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40.27 प्रतिशत का योगदान है। आईआईपी समग्र औद्योगिक विकास को मापता है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा लि. की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने इन आंकड़ों पर कहा, ‘‘फरवरी 2025 में बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गई, जो जनवरी 2025 में 5.1 प्रतिशत थी। हालांकि यह आंशिक रूप से उच्च तुलनात्मक आधार के कारण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी और सीमेंट उत्पादन सहित आठ उद्योगों में से पांच का प्रदर्शन पिछले महीने की तुलना में फरवरी 2025 में सालाना आधार पर कमजोर रहा। इन रुझानों को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि आईआईपी वृद्धि फरवरी 2025 में कम होकर 3.0 से 3.5 प्रतिशत तक रहेगी जो जनवरी 2025 में 5.0 प्रतिशत थी।’’

भाषा रमण प्रेम

प्रेम



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