बीड, दो अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को बीड जिले के अधिकारियों से कहा कि वे जरूरत पड़ने पर राजनीतिक प्रभाव से परे जाकर सख्त कार्रवाई करें और दबाव में न आएं।
पवार ने बीड में हथियार लाइसेंसों की समीक्षा का भी निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकर्ताओं से अपनी छवि साफ रखने और आपराधिक तत्वों से दूर रहने को कहा।
उनकी यह टिप्पणी पिछले वर्ष जिले में मसाजोग के सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या और उससे संबंधित जबरन वसूली के मामले में राकांपा नेता धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में आई है। इस मामले की वजह से कैबिनेट मंत्री मुंडे को पिछले महीने इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
बीड के प्रभारी मंत्री पवार ने कलेक्टर कार्यालय में जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता की और विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की।
उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत दौरान क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
पवार ने कहा, ‘‘बीड में प्रशासन को किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए। उसे सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पहचान चाहे राजनीतिक हो या गैर-राजनीतिक, अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए।’’
उन्होंने रिवॉल्वर लाइसेंस के मुद्दे को रेखांकित करते हुए कहा कि कठोर समीक्षा प्रक्रिया के तहत 340 लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
पवार ने कहा, ‘‘पहले रिवॉल्वर के लाइसेंस बड़े पैमाने पर बांटे जाते थे। अब हमने उनमें से कई को रद्द कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि केवल उन्हीं लोगों को लाइसेंस दिया जाएगा जिन्हें वास्तव में सुरक्षा की आवश्यकता है। नए सिरे से समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।’’
उन्होंने मारे गए सरपंच संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल पर हा, ‘‘धनंजय देशमुख ने आज अपने विचार व्यक्त किए हैं। हालांकि, मैं आगे की कार्रवाई के बारे में पुलिस अधिकारियों और गृह मंत्री से सलाह लूंगा।’’
इससे पहले दिन में पवार ने कहा था कि किसी व्यक्ति को राकांपा में शामिल करते समय उसकी साख की जांच की जानी चाहिए।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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