नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) हरियाणा के प्रदीप जून और दिल्ली की शाइस्ता ने बुधवार को खेलो इंडिया पैरा गेम्स (केआईपीजी) में अपने पुरुष और महिला पावर लिफ्टिंग मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीते।
पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में तीन दिनों तक चली प्रतियोगिताओं के दौरान, जसप्रीत कौर (45 किग्रा), मनीष कुमार (54 किग्रा), सीमा रानी (61 किग्रा) और झंडू कुमार (72 किग्रा) ने चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए।
इन पैरा खेलों में 170 स्वर्ण पदक अब तक तय हो चुके है जिसमें हरियाणा ने 31 स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है । तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश ने क्रमशः 26 और 22 स्वर्ण पदक जीते हैं।
प्रदीप ने दिसंबर 2023 में केआईपीजी के पहले सत्र में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 107 से अधिक किलोग्राम वर्ग में 194 किलोग्राम भार उठाकर अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
प्रदीप के अलावा दिल्ली की शाइस्ता ने भी पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के अंतिम दिन शानदार प्रदर्शन किया और 79 किलोग्राम वर्ग में 81 किलोग्राम वजन उठाकर पिछले सत्र के रजत पदक को इस वर्ष स्वर्ण में बदल दिया।
पुरुषों के 107 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के दिनेश बागड़े ने 157 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। पिछले सत्र में कांस्य पदक जीतने वाले दिनेश बागड़े ने 157 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। तमिलनाडु की अरुणमोली अरुणगिरी ने भी महिलाओं के 86 किलोग्राम भार वर्ग में 80 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
इस बीच, इंदिरा गांधी स्टेडियम में पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। हरियाणा की एकता भयान ने मंगलवार रात को तमिलनाडु की दीपिका रंज रामनाथन को करीबी फाइनल में 3-2 से हराकर क्लास एक और दो श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया।
एकता इससे पहले 2020 तोक्यो पैरालंपिक में क्लब थ्रो में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह क्लब थ्रो में एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता भी हैं।
इस 39 वर्षीय खिलाड़ी ने दो साल पहले टेबल टेनिस में तब हाथ आजमाना शुरू किया जब क्लब थ्रो को पेरिस 2024 खेलों में शामिल नहीं किया गया।
भाषा आनन्द नमिता
नमिता