पेशावर, 27 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं ने प्रांतीय राजधानी पेशावर में एकमात्र क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नाम पर रखने की कड़ी निंदा की है।
देश के खेल परिदृश्य को आकार देने में खान की महत्वपूर्ण भूमिका के सम्मान के रूप में इस महीने की शुरुआत में अरबाब नियाज क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान के नाम पर रखा गया था।
बुधवार को यहां प्रेस क्लब में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एएनपी के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ गुलाम अहमद बिल्लौर, जेयूआई-एफ के केंद्रीय नेता व पूर्व प्रांतीय गवर्नर हाजी गुलाम अली और पीपीपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व संघीय मंत्री अरबाब आलमगीर ने स्टेडियम का नाम बदले जाने की निंदा की।
बिल्लौर ने कहा कि यदि इस तरह नाम बदले जा सकते हैं, तो भविष्य की सरकार पीटीआई संस्थापक के नाम पर पहले से मौजूद सुविधाओं का नाम भी बदल सकती है।
आलमगीर ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए, उन्हें यह अजीब लगा कि सरकार ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय एक स्टेडियम का नाम बदलने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हाजी गुलाम अली ने मुख्यमंत्री से प्रांत की परंपराओं और रीति-रिवाजों पर ध्यान देने का आग्रह किया और स्टेडियम का नाम बदले जाने की निंदा की।
इसके अलावा, प्रांतीय गवर्नर फैसल करीम कुंदी ने भी स्टेडियम का नाम बदलने का कड़ा विरोध किया।
एक बयान में उन्होंने कहा कि देश में नौ मई को हुए उपद्रव के मुख्य पात्र (खान) के नाम पर स्टेडियम का नाम रखने से देश विरोधी ताकतों को बल मिलेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर प्रांत की पहचान मिटाने और उसे नष्ट करने के मिशन पर होने का आरोप लगाया।
भाषा जोहेब मनीषा
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