कोलकाता, पांच अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में रामनवमी की पूर्व संध्या पर पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। रामनवमी पर रविवार सुबह से प्रदेश में बड़ी संख्या में धार्मिक यात्राएं निकाले जाने की संभावना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दौरान समूहों के बीच झड़प होने की खबरें आई हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोलकाता में कम से कम 60 यात्राएं निकाले जाने की संभावना है और यात्रा मार्गों पर निगरानी रखने के लिए उपायुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों की निगरानी में 3,500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
उन्होंने बताया कि यात्राओं पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी के जरिये निगरानी की जाएगी, साथ ही एंटाली, कोसीपोर, खिदरपुर और चितपोर जैसे शहर के विभिन्न हिस्सों में त्वरित प्रतिक्रिया दल के वाहन तैनात किए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि धार्मिक यात्राओं का सीधा प्रसारण किया जाएगा और इसकी निगरानी लालबाजार में कोलकाता पुलिस मुख्यालय से की जाएगी जबकि 20 से अधिक आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी कोलकाता के विभिन्न संभागों के प्रभारी होंगे।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बर्धमान के आसनसोल, पूर्व बर्धमान, मालदा, मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी के कुछ हिस्सों में स्थिति की निगरानी करेंगे ताकि त्यौहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके।
पुलिसकर्मी सात अप्रैल तक ड्यूटी पर रहेंगे।
कोलकाता पुलिस आयुक्त एमके वर्मा ने शनिवार को उत्तर और मध्य कोलकाता के कुछ हिस्सों, खासकर कुछ महानगरीय क्षेत्रों का दौरा किया।
वर्मा, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए उपायुक्त स्तर के अधिकारियों के साथ पहुंचे।
हावड़ा जिले के संकरैल इलाके में शनिवार को देवी सिंहबाहिनी के उपासकों ने एक यात्रा निकाली, जिसमें सैकड़ों लोग तलवार और त्रिशूल की गत्ते की प्रतिकृतियां लिये हुए थे।
पश्चिम बंगाल में इस दिन पारंपरिक रूप से अन्नपूर्णा पूजा मनाई जाती है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले न केवल भाजपा और अन्य दक्षिणपंथी हिंदू समूहों द्वारा बल्कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा भी रामनवमी पर यात्रा निकालने की घोषणा की गई है।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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