नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खातों के लिए ‘नॉमिनी’ बनाने या उसमें कोई बदलाव करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा क्योंकि सरकार ने अधिसूचना के जरिये आवश्यक बदलाव किए हैं।
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, हाल ही में पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ व्यक्ति के विवरण को जोड़ने/संशोधित करने के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा शुल्क लेने की जानकारी मिली है।
‘नॉमिनी’ के पास मूल खाताधारक की राशि पर कानूनी अधिकार होता है।
उन्होंने कहा कि पीपीएफ खातों के लिए ‘नॉमिनी’ से जुड़ी जानकारी में बदलाव पर किसी भी शुल्क को हटाने के लिए दो अप्रैल 2025 के राजपत्र अधिसूचना के जरिये सरकारी बचत संवर्धन सामान्य नियम 2018 में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
राजपत्र अधिसूचना में सरकार द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं के लिए नामांकन रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए 50 रुपये का शुल्क समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हाल ही में पारित बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 जमाकर्ताओं के पैसे, सुरक्षित अभिरक्षा में रखे गए सामान व सुरक्षा लॉकर के भुगतान के लिए अधिकतम चार लोगों को ‘नॉमिनी’ बनाने की अनुमति है।’’
विधेयक में एक और बदलाव बैंक में किसी व्यक्ति के ‘‘पर्याप्त कर’’ शब्द को फिर से परिभाषित करने से संबंधित है। इस सीमा को मौजूदा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का प्रावधान है। मौजूदा दर को लगभग छह दशक पहले तय किया गया था।
कानून में सहकारी बैंकों में निदेशकों (चेयरमैन एवं पूर्णकालिक निदेशक को छोड़कर) के कार्यकाल को आठ वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने की बात भी की गई है, ताकि संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम 2011 के साथ तालमेल बैठाया जा सके।
भाषा निहारिका नरेश
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