‘नवरात्र’ की मांग बढ़ने से ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Ankit
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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) देश में ‘नवरात्र’ त्योहार की मांग बढ़ने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को ज्यादातर तेल-तिलहन (सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम मजबूत बंद हुए। वहीं सहकारी संस्था नेफेड द्वारा बिकवाली की अफवाह के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।


मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी चल रही है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि नवरात्र की मांग से अधिाकांश तेल-तिलहन कीमतों में मंगलवार के मुकाबले सुधार तो है। लेकिन जिस सरसों का भाव पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 4-5 प्रतिशत नीचे था वह अब एमएसपी के आसपास हो गया है। इसी प्रकार, जिस सोयाबीन का दाम पहले एमएसपी से 17-18 प्रतिशत नीचे था, वह अब ल्रगभग 10 प्रतिशत नीचे रह गया है।

सूत्रों ने कहा कि पिछले साल इन दिनों जो सरसों की आवक की मात्रा थी उसके मुकाबले इस बार आवक कम है। इसके अलावा अगले सप्ताह से राजस्थान में भी एमएसपी पर सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। बड़े मिल वालों ने सरसों सीड के दाम में 100 रुपये क्विंटल तक की वृद्धि की है। नवरात्र त्योहार के दौरान सभी खाद्य तेलों की मांग भी अधिक है। इन कारणों से सरसों तेल-तिलहन में सुधार देखा गया।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन के डी-आयल्ड केक (डीओसी) की स्थानीय मांग बढ़ी है। पहले जिस डीओसी का दाम 2,700 रुपये क्विंटल था वह बढ़कर 3,200 रुपये क्विंटल हो गया है। प्लांट वालों की सोयाबीन की मांग बढ़ी है। इन वजहों से सोयाबीन तेल-तिलहन में भी सुधार देखा गया।

सूत्रों ने कहा कि पाम-पामोलीन का दाम ऊंचा बोले जाने तथा मलेशिया एक्सचेंज में दो प्रतिशत से अधिक की मजबूती रहने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम मजबूत बने रहे। आयात कम रहने के कारण अप्रैल में खाद्य तेलों के कमी रहने की आशंका है। महंगा होने से पाम, पामोलीन का आयात कम किया जा रहा है लेकिन असल सवाल यह है कि पाम-पामोलीन तेल के आयात की कमी को किस तेल से और कैसे पूरा किया जायेगा?

उन्होंने कहा कि कपास की उपलब्धता दिन-ब-दिन घटती जा रही है जबकि अगली फसल आने में काफी समय बचा हुआ है। कम उपलब्धता को देखते हुए बड़ी मिलों ने कपास नरमा और बिनौला सीड के दाम में 150-200 रुपये क्विंटल की वृद्धि की है। हालत यह है कि एक समय जिस कपास नरमा को एमएसपी (7,521 रुपये क्विंटल) से काफी नीचे दाम पर बेचने की मजबूरी हो रही थी, वह दाम बढ़ता हुआ अब एमएसपी से 400-500 रुपये क्विंटल ऊंचा हो गया है। पर ऐसे में उन किसानों को निराशा हो रही है जिनका माल पहले ही सस्ते में बिक चुके हैं। उनका कहना है कि अब दाम 8,000 रुपये क्विंटल के पास है पर अफसोस है कि लगभग 88 प्रतिशत कपास नरमा बाजार में खप चुका है।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था नेफेड की ओर से मूंगफली की बिक्री करने की अफवाह के मद्देनजर किसानों के हौंसला पस्त होने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

उन्होंने कहा कि हो सके तो तेल संगठन एसईए को इस बारे में स्पष्टता लाने के लिए यह जानकारी देनी चाहिये कि क्या नेफेड की ओर से मूंगफली बेचने की वास्तव में कोई तैयारी है। इस स्पष्टीकरण से किसानों को संबल मिलेगा। मूंगफली के दाम पहले ही एमएसपी से काफी कम हैं और अधिक नीचे दाम पर बेचना किसानों के लिए काफी नुकसान का सौदा है।

सूत्रों ने कहा कि स्थितियों पर गौर करें तो अजीबोगरीब तस्वीर दिखती है जो परिस्थितियों को दुरुस्त करने की मांग करती है। मूंगफली तेल का थोक दाम लगभग 133 रुपये लीटर बैठता है लेकिन खुदरा बाजार में इसी तेल का दाम 190-195 रुपये लीटर है और मूंगफली सीड का दाम एमएसपी से लगभग 15 प्रतिशत नीचे है। उल्लेखनीय है कि इस मूंगफली तेल का कोई विकल्प नहीं है और यह अधिक आयवर्ग के उपभोक्ताओं में लोकप्रिय है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,400-6,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,850-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,290-2,590 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,400-2,500 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,400-2,525 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,600-4,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,300-4,350 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय



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