नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की है कि सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अन्य राज्यों के वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक नई नीति पेश करेगी।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ‘दिल्ली में वाहनों से होने वाला वायु प्रदूषण’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के जवाब में यह कदम उठाया गया है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के प्रदूषण नियंत्रण तंत्र में खामियों को उजागर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग सुविधा के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2026 तक राजधानी में 48,000 चार्जिंग पॉइंट होंगे, जिसमें 18,000 सरकार द्वारा संचालित होंगे जबकि 30000 अर्धसरकारी होंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रदूषण की निगरानी और उसकी रोकथाम को मजबूती प्रदान करने के लिए छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रसंस्करण के लिए समर्पित एक नया इको-पार्क स्थापित करने की योजना का भी खुलासा किया, जिसका उद्देश्य ई-कचरे के अनुचित निपटान से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकना है।
रेखा गुप्ता ने कैग रिपोर्ट पर कहा, ‘‘ये कदम प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली की लड़ाई को मजबूत करने, सख्त प्रवर्तन और बेहतर बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हैं।’’
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार एक चुनौती बना हुआ है, इसलिए सरकार के नवीनतम उपायों का उद्देश्य नीतिगत कमियों को दूर करना और लोगों के लिए स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने के लिए विनियामक निगरानी में सुधार करना है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली की आठवीं विधानसभा के पहले बजट सत्र के अंतिम दिन ये घोषणायें की ।
भाषा रंजन पवनेश
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