नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश में डिजिटल मीडिया ने बीते वर्ष टेलीविजन को पीछे छोड़ दिया और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में सबसे बड़ा खंड बन गया। इसका क्षेत्र के कुल राजस्व में 32 प्रतिशत का योगदान है। उद्योग मंडल फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट में यह कहा गया है।
इतना ही नहीं, डिजिटल मीडिया के 2026 में विज्ञापन राजस्व में 1,000 अरब रुपये को पार करने वाला मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में पहला खंड होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र अगले तीन साल में सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ तीन लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है।
भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन (एम एंड ई) क्षेत्र 2024 में 2.5 लाख करोड़ रुपये (29.4 अरब डॉलर) के कुल मूल्यांकन पर पहुंच गया और 2024 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 0.73 प्रतिशत का योगदान दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘आने वाले समय को देखा जाए, तो भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के 2025 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,700 अरब रुपये (31.6 अरब डॉलर) तक पहुंचने की संभावना है। वहीं 2027 तक सात प्रतिशत की संचयी सालाना वृद्धि दर से बढ़कर 3,100 अरब रुपये (36.1 अरब डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है।’’
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘यह वृद्धि अनूठे व्यावसायिक मॉडल, रणनीतिक गठबंधन और उद्योग एकीकरण के जरिये होगी।’’
बीते वर्ष 2024 में, देश के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में 8,100 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। यह 3.3 प्रतिशत की वृद्धि है।
हालांकि, यह वृद्धि 2023 के 8.3 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। इसका कारण ‘सब्सक्रिप्शन’ राजस्व में गिरावट और भारत को आउटसोर्स किये जाने वाले एनिमेशन और वीएफएक्स (विजुएल इफेक्ट) काम में वैश्विक स्तर पर कमी है।
इसके अलावा, विज्ञापन राजस्व में भी 8.1 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि हुई है।
भाषा रमण अजय
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