न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, तीन अप्रैल (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर व्यापक रूप से 26 प्रतिशत का ‘रियायती जवाबी शुल्क’ लगाने की घोषणा की है।
उन्होंने यह घोषणा करते हुए भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले ऊंचे शुल्कों का भी जिक्र किया।
ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन से विभिन्न देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘यह मुक्ति दिवस है, एक लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण। दो अप्रैल, 2025 को हमेशा के लिए उस दिन के रूप में याद किया जाएगा, जिस दिन अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ, जिस दिन अमेरिका के भाग्य का पुन: उदय हुआ, जिस दिन हमने अमेरिका को फिर समृद्ध बनाने का काम शुरू किया। हम अमेरिका को समृद्ध, अच्छा और समृद्ध बनाने जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिल पर केवल 2.4 प्रतिशत शुल्क लेता है। इस बीच, थाइलैंड और अन्य देश बहुत अधिक यानी 60 प्रतिशत तक शुल्क वसूल रहे हैं। भारत 70 प्रतिशत शुल्क लेता है, वियतनाम 75 प्रतिशत शुल्क लेता है, और अन्य इससे भी अधिक शुल्क वसूलते हैं।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों से आज तक सिर्फ ढाई प्रतिशत शुल्क लेता रहा है। ‘‘आप सोचकर देखिये, विदेश में बने वाहनों पर सिर्फ ढाई प्रतिशत शुल्क। यूरोपीय संघ हमसे 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वसूलता है, और उनके पास 20 प्रतिशत मूल्य वर्धित कर (वैट) है, जो बहुत अधिक है। भारत 70 प्रतिशत शुल्क लगाता है और शायद सबसे खराब दक्षिण कोरिया, जापान और कई अन्य देशों द्वारा बड़ी व्यापार बाधाओं के रूप में लगाए गए गैर-मौद्रिक अंकुश हैं।’’
शुल्क की घोषणा करते समय, उन्होंने एक चार्ट दिखाया जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों द्वारा लगाए गए शुल्क के साथ-साथ जवाबी शुल्क भी दर्शाए गए थे। चार्ट ने संकेत मिलता है कि भारत ने ‘मुद्रा में ‘गड़बड़ी’ और व्यापार बाधाओं सहित’ 52 प्रतिशत का शुल्क लगाया है। अमेरिका अब भारत से 26 प्रतशित का ‘रियायती जवाबी शुल्क’ वसूलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भारत, बहुत, बहुत सख्त है। बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा, ‘आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया, और यह केवल सात साल पहले की बात है, जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।’’
भाषा अजय अजय
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