रांची, तीन अप्रैल (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य की राजधानी में त्योहारों और जुलूसों के दौरान झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) द्वारा की जाने वाली अभूतपूर्व बिजली कटौती पर बृहस्पतिवार को स्वत: संज्ञान लिया।
जेबीवीएनएल झारखंड में खुदरा और थोक उपभोक्ताओं को बिजली वितरित करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।
अदालत ने जेबीवीएनएल को आदेश दिया कि अत्यधिक खराब मौसम जैसी किसी गंभीर आपात स्थिति के कारण जब तक आवश्यक न हो तब तक वह लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बंद न करे, जैसा कि एक अप्रैल को सरहुल त्योहार के दौरान हुआ था।
मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की पीठ ने एक जनहित याचिका शुरू करते हुए कहा कि सरहुल उत्सव के दौरान एक अप्रैल को दोपहर एक बजे से रात 11 बजे तक शहर में 5 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहना चिंता का कारण है।
पीठ ने महाधिवक्ता को जेबीवीएनएल के साथ मिलकर इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई नौ अप्रैल को होगी।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल