मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) व्यक्तिगत ऋण की वृद्धि 24 जनवरी, 2025 को समाप्त पखवाड़े में धीमी होकर 14.2 प्रतिशत रही। इस सुस्ती का मुख्य कारण वाहन ऋण का कमजोर वितरण और क्रेडिट कार्ड बकाया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। आरबीआई ने 41 चुनिंदा वाणिज्यिक बैंकों से बैंक ऋण के क्षेत्रीय आवंटन को लेकर जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है।
आरबीआई ने कहा कि सालाना आधार पर 24 जनवरी, 2025 को समाप्त पखवाड़े तक गैर-खाद्य बैंक ऋण 12.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 16.2 प्रतिशत था।
रिपोर्ट के मुताबिक, “व्यक्तिगत ऋण खंड में 24 जनवरी 2025 को समाप्त पखवाड़े तक ऋण में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 18.2 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण ‘अन्य व्यक्तिगत ऋण’, ‘वाहन ऋण’ और ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ खंडों में वृद्धि दर में गिरावट थी।”
इसमें आगे कहा गया है कि 24 जनवरी, 2025 को समाप्त पखवाड़े तक कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े के लिए 20 प्रतिशत थी।
इस पखवाड़े तक उद्योग को बैंक कर्ज में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी पखवाड़े में यह 7.5 प्रतिशत थी।
भाषा अनुराग प्रेम
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