नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) चीन के तकनीकी विशेषज्ञों के लिए कारोबारी वीजा को सुगम बनाने से जुड़े पोर्टल ने काम करना शुरू कर दिया है। इन विशेषज्ञों की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) से जुड़े क्षेत्रों में जरूरत है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही।
विनिर्माण से जुड़ी घरेलू कंपनियों ने चीनी तकनीकी विशेषज्ञों के लिए वीजा प्राप्त करने में देरी का मामला उठाया था। इन विशेषज्ञों की श्रमिकों को प्रशिक्षण देने के अलावा कुछ मशीनों को लगाने या मरम्मत जैसे कार्यों के लिए आवश्यकता होती है। इस लिहाज से यह कदम महत्वपूर्ण है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पोर्टल पिछले हफ्ते ही शुरू हुआ है। यह उस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए है जहां पीएलआई क्षेत्र में चीनी तकनीकी विशेषज्ञों को कारोबारी वीजा दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने विभिन्न विभागों के साथ बातचीत की है ताकि उन्हें इस बारे में संवेदनशील बनाया जा सके और प्रशिक्षित किया जा सके कि पोर्टल का उपयोग कैसे किया जाएगा।
आमतौर पर, इन विशेषज्ञों को मशीन लगाने और उन मशीनों का उपयोग करने के लिए कार्यबल को प्रशिक्षण देने जैसे कार्यों को लेकर तीन-छह महीने के लिए वीजा की आवश्यकता होती है।
पीएलआई योजना की घोषणा 1.97 लाख करोड़ रुपये के व्यय के साथ 2021 में 14 क्षेत्रों के लिए की गई थी। इसमें दूरसंचार, कपड़ा, चिकित्सा उपकरणों का विनिर्माण, वाहन, विशेष इस्पात, खाद्य उत्पाद, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल, उन्नत रसायन सेल बैटरी आदि शामिल हैं।
भाषा रमण अजय
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