डीसा/अहमदाबाद, दो अप्रैल (भाषा) गुजरात सरकार ने डीसा के पास एक गोदाम में हुए विस्फोट की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल पर एल्यूमिनियम पाउडर का एक छोटा कंटेनर मिला है, जो आमतौर पर पटाखे बनाने में उपयोग होता है।
राज्य गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, एसआईटी का नेतृत्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी भविन पंड्या करेंगे, जो 15 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।
पंड्या वर्तमान में राजस्व विभाग में सचिव (भूमि सुधार) के पद पर कार्यरत हैं। अन्य सदस्यों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) विशालकुमार वाघेला, फॉरेंसिक साइंस लैब के निदेशक एच.पी. संघवी और सड़क एवं भवन विभाग के मुख्य अभियंता जे.ए. गांधी शामिल हैं।
बनासकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से पीले ‘डेक्सट्रिन’ पाउडर भी मिला, जो पटाखा निर्माण में उपयोग होता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि गोदाम में पटाखों का निर्माण किया जा रहा था या नहीं।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि 12 मार्च को पुलिस ने गोदाम का निरीक्षण कर रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया गया। लेकिन निरीक्षण के बाद आरोपी ने अवैध रूप से गोदाम में एल्यूमिनियम पाउडर और अन्य सामग्री जमा कर ली।
पुलिस ने मंगलवार रात गोदाम मालिक दीपक मोहनानी और उनके पिता खुबचंद मोहनानी को गिरफ़्तार कर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी पता चला कि दीपक मोहनानी तीन साल पहले सट्टेबाजी के मामले में पकड़ा गया था।
इस घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोराडिया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है, जबकि अन्य सात टीमों को अलग-अलग पहलुओं की जांच सौंपी गई है।
भाषा राखी नेत्रपाल
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