नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी 2020 में हुए दंगों के एक मामले में गिरफ्तार ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ के संस्थापक खालिद सैफी ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से उन्हें जमानत देने का अनुरोध किया।
सैफी ने याचिका में दावा किया कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने आतंकवादी कृत्य किया या ऐसा करने की साजिश रची।
सैफी के वकील ने यह भी दलील दी कि केवल विरोध स्थल पर मौजूद होना सख्त गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान के तहत गिरफ्तारी का आधार नहीं हो सकता।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिन्दर कौर की पीठ के समक्ष सैफी की ओर से पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा, “ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे पता चले कि आरोपी सैफी ने कोई आतंकवादी कृत्य किया है या किसी आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की साजिश रची है। वह (सैफी) पहले ही पांच साल की कैद काट चुका है और मैं इस अदालत से उसे जमानत देने का अनुरोध करती हूं।”
अदालत ने इसी तरह की राहत का अनुरोध करने वाले अन्य आरोपियों की ओर से दी गयी दलीलों पर सुनवाई के लिए मामले को 16 अप्रैल को सूचीबद्ध कर दिया।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें वर्तमान मामला भी शामिल है और उन्हें एक मामले में जमानत दी गई थी जबकि दूसरे मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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