नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनएसई को-लोकेशन के मुद्दे के संबंध में बाजार सर्वर तक अनुचित पहुंच के मामले में बुधवार को शेयर ब्रोकर ओपीजी सिक्योरिटीज और इसके निदेशकों पर 5.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
पूंजी बाजार नियामक ने उन्हें 45 दिनों के भीतर जुर्माना देने का निर्देश दिया है।
एनएसई ‘को-लोकेशन’ से मतलब ऐसी सुविधा से है, जहां कारोबारी सदस्य अपने सर्वर को एक्सचेंज के परिसर में रख सकते हैं। इससे बाजार के आंकड़ों और ऑर्डर निष्पादन तक पहुंच अपेक्षाकृत तेज होती है।
सेबी ने 25 पन्नों के अपने आदेश में ओपीजी सिक्योरिटीज और उसके निदेशकों – संजय गुप्ता, संगीता गुप्ता और ओम प्रकाश गुप्ता पर अनुचित व्यापार व्यवहार में संलिप्त होने के लिए संयुक्त रूप से पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा, सेबी ने ओपीजी सिक्योरिटीज और संजय गुप्ता पर नियामक की आचार संहिता का अनुपालन न करने और जांच में बाधा डालने के लिए क्रमशः 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
सेबी की निर्णायक अधिकारी आशा शेट्टी ने कहा, “मैंने पाया है कि सैट ने अपने आदेश में पुष्टि की है कि ओपीजी सिक्योरिटीज ने सेकेंडरी पीओपी सर्वर तक बार-बार पहुंच बनाकर अनुचित लाभ प्राप्त किया, जिससे उसे गैरकानूनी लाभ हुआ। इस तरह के गैरकानूनी लाभ की मात्रा के बावजूद, यह स्पष्ट है कि जिस तरह से कंपनी ने द्वितीयक सर्वर से संपर्क किया, वह अनुचित व्यवहार था, जो बार-बार किया गया। यह एक गंभीर उल्लंघन है।”
इसके अलावा, नियामक ने यह भी कहा कि ओपीजी सिक्योरिटीज अपने व्यावसायिक परिचालन में ईमानदारी, उचित कौशल, देखभाल और परिश्रम के मानकों को बनाए रखने में विफल रही, साथ ही वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने में भी लापरवाही बरती।
जुर्माने के जवाब में, कंपनी ने तर्क दिया कि जब तक उच्चतम न्यायालय और प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) लंबित अपीलों पर निर्णय नहीं ले लेते, तब तक जुर्माने पर रोक लगा दी जानी चाहिए।
भाषा अनुराग रमण
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