कोलंबो के स्वतंत्रता चौक पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया

Ankit
4 Min Read


(मानस प्रतिम भुइयां)


कोलंबो, पांच अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का श्रीलंका की राजधानी के मध्य में स्थित ऐतिहासिक स्वतंत्रता चौक (‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’) पर शनिवार को भव्य स्वागत किया गया। किसी अन्य देश के नेता को यहां संभवत: पहली बार इस प्रकार सम्मानित किया गया है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने स्वतंत्रता चौक पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

मोदी बैंकॉक की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद शुक्रवार शाम कोलंबो पहुंचे। उन्होंने बैंकॉक में बिम्सटेक (बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोलंबो के स्वतंत्रता चौक पर भव्य स्वागत किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लोगों के साझा भविष्य और आपसी समृद्धि के लिए साझेदारी को आगे बढ़ावा देने के मकसद से द्विपक्षीय चर्चाएं की जाएंगी।’’

अधिकारियों ने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी अन्य देश के नेता का स्वतंत्रता चौक पर इस तरह से स्वागत किया गया।

मोदी राष्ट्रपति दिसानायके के साथ अब प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता कर रहे हैं।

बैठक के बाद भारत और श्रीलंका द्वारा लगभग 10 क्षेत्रों को लेकर सहमति व्यक्त किये जाने की उम्मीद है जिनमें रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटलीकरण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

यदि रक्षा सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो जाते हैं तो यह भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा संबंधों में एक बड़ी पहल का संकेत होगा तथा इसी के साथ लगभग 35 वर्ष पहले भारत द्वारा श्रीलंका से भारतीय शांति रक्षा सेना (आईपीकेएफ) को वापस बुलाए जाने से संबंधित कटु अध्याय पीछे छूट जाएगा।

प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब द्वीप राष्ट्र श्रीलंका आर्थिक संकट से उबरने के संकेत दे रहा है। श्रीलंका तीन साल पहले बड़े आर्थिक संकट में घिर गया था और भारत ने उसे 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता दी थी।

मोदी और दिसानायके के बीच वार्ता के बाद मुद्रा विनिमय और ऋण पुनर्गठन पर श्रीलंका को भारत की सहायता से संबंधित दो दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

दोनों पक्षों के बीच डिजिटल क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक अन्य समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। मोदी का बाद में आईपीकेएफ स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने का भी कार्यक्रम है।

श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से साक्षात्कार में कहा कि श्रीलंका को भारत द्वारा दी गई सहायता दुनिया के किसी भी देश को दी गई भारतीय सहायता के संदर्भ में ‘‘अभूतपूर्व’’ है।

झा ने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी सहायता थी और हम विभिन्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए श्रीलंका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसकी यहां बहुत सराहना की जाती है।’’

मोदी और दिसानायके कोलंबो में भारत की सहायता से बनाई गई कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। दोनों नेता सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना के ‘ऑनलाइन’ शिलान्यास के भी साक्षी बनेंगे।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन



Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *