तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने उन्हें बताया कि केंद्र सरकार आशाकर्मियों के मानदेय को बढ़ाने के मुद्दे पर विचार कर रही है।
जॉर्ज ने कहा कि नड्डा ने मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) की समस्याओं और उनके मानदेय को बढ़ाने तथा उन्हें श्रम कानूनों के दायरे में लाने के राज्य सरकार के अनुरोध को विस्तार से सुना।
दिल्ली में नड्डा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में जॉर्ज ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उनसे प्रदर्शनकारी आशाकर्मियों से यह कहने को कहा कि वे केंद्रीय योजना के तहत आती हैं और केंद्र उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार कर रहा है।
केरल में आशाकर्मियों का एक वर्ग 51 दिनों से सचिवालय के बाहर सेवानिवृत्ति पश्चात लाभ और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
जॉर्ज ने कहा कि अगर केंद्र आशाकर्मियों को दिए जाने वाले मानदेयों में वृद्धि करता है, तो राज्य भी अपने आप इसमें बढ़ोतरी कर देगा।
जॉर्ज ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं से संबंधित मुद्दों के अलावा, नड्डा ने तपेदिक खत्म करने के लिए राज्य के प्रयासों की प्रशंसा की और आश्वासन दिया कि केरल को जल्द ही एक विशेष योजना के तहत एम्स मिलेगा।
जॉर्ज प्रदर्शनकारी आशाकर्मियों के मुद्दों पर नड्डा से मिलने दिल्ली आई थीं।
दिल्ली में जॉर्ज की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ की महासचिव एम ए बिंदु ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने कुछ भी नया नहीं कहा है।
उन्होंने सचिवालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि मंत्री ने आशाकर्मियों द्वारा उठाई गई मांगों के बारे में कुछ नहीं कहा है।
इस बीच, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष आर चंद्रशेखरन ने प्रदर्शनकारी आशाकर्मियों को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की और राज्य सरकार से उनके साथ चर्चा करने एवं उनके मुद्दों को हल करने का आग्रह किया।
भाषा राजकुमार रमण
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